menu-icon
India Daily
share--v1

पंडित नेहरू की 'आदिवासी पत्नी' ने जीवन भर झेला बहिष्कार का दंश, जानें बुधनी की कहानी

Budhni Manjhiyain: पंचेत बांध के उद्घाटन पर पंडित नेहरू ने बुधनी को जो माला पहनाई, वो उनके लिए जीवनभर का दर्द बन गई. जो हुआ वो आप भी जानें.

auth-image
Amit Mishra
पंडित नेहरू की 'आदिवासी पत्नी' ने जीवन भर झेला बहिष्कार का दंश, जानें बुधनी की कहानी

Budhni Manjhiyain: झारखंड में 'पंडित जवाहरलाल नेहरू की आदिवासी पत्नी' बुधनी मंझियाइन के लिए स्मारक बनाने की मांग उठी है. बीते शुक्रवार की रात 80 साल की बुधनी का निधन हो गया था. बुधनी पिछले करीब 64 साल से अपनी ही जाति-समाज में बहिष्कार का दंश झेल रही थीं. बुधनी ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की मौजूदगी में दामोदर वैली कॉरपोरेशन के पंचेत डैम और हाईडल पावर प्लांट का उद्घाटन किया था. उस वक्त तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने सम्मान में मिली माला को उठाकर बुधनी को पहना दी थी. उस वक्त बुधनी की उम्र महज 16 साल थी.

समाज ने कर दिया बहिष्कृत

पंचेत बांध के उद्घाटन पर पंडित नेहरू ने बुधनी को जो माला पहनाई, वो उनके लिए जीवनभर का दर्द बन गई. दरअसल संथाल आदिवासी किसी पुरुष का महिला या लड़की को माला पहना दोनों की शादी मान लेते थे. उस वक्त समुदाय के बाहर शादी करने पर समाज से बहिष्कार कर दिया जाता था. तत्कालीन पीएम नेहरू के माला पहनाने को आदिवासी समुदाय ने शादी माना. समुदाय से बाहर एक गैर-आदिवासी से 'शादी करने' की वजह से बुधनी मंझियाइन को समाज से बहिष्कृत कर दिया गया. उनकी अपने गांव में एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया. बुधनी मंझियाइन की ये कहानी 17 नवंबर को उनकी मौत के बाद सामने आई.

Budhni Manjhiyain death
 

पूर्व पीएम राजीव गांधी से हुई मुलाकात

बुधनी मंझियाइन का जीवन कष्ट में बीत रहा था. 1985 में जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री के रूप में बंगाल के आसनसोल गए तो एक स्थानीय कांग्रेस नेता ने बुधनी से उनकी मुलाकात कराई. इस दौरान बुधनी ने राजीव गांधी को अपनी आपबीती सुनाई. इसके बाद बुधनी को डीवीसी में नौकरी मिल गई, जहां से वो 2005 में सेवानिवृत्त हुईं.

पंचेत में किया गया अंतिम संस्कार

17 नवंबर 2023 को निधन के बाद बुधनी का पंचेत में अंतिम संस्‍कार किया गया. इस दौरान स्‍थानीय राजनेताओं और नागरिक मौजूद रहे. अब स्‍थानीय पार्क में नेहरू की मूर्ति के पास बुधनी मंझियाइन के सम्‍मान में एक स्‍मारक बनाने की मांग की गई है. जानकारी के मुताबिक पंचेत पंचायत के मुखिया भैरव मंडल और अन्य लोगों ने डीवीसी प्रबंधन को स्थानीय डीवीसी कॉलोनी में मंझियाइन के स्‍मारक और उनकी बेटी रत्‍ना के लिए एक घर की मांग करते हुए पत्र भेजा है.

यह भी पढ़ें: Rajasthan Election: जयपुर में PM मोदी के रोड शो में उमड़ी भीड़, भगवामय नजर आई गुलाबी नगरी

पढ़ें देश से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें