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संसद में कब और कैसे शपथ लेगा अमृतपाल, पैरोल के बाद क्या-क्या करेगा? पढ़ लीजिए सारी कहानी

वारिस पंजाब दे का मुखिया अमृतपाल, पैरोल पर रिहा हुआ है. वह खडूर साहब सीट से सांसद है, अब 5 जून को वह शपथ ले सकता है. अमृतपाल ने पंजाब में दोबारा खालिस्तान मूवमेंट को जिंदा कर दिया है. उसे असम के डिब्रूगढ़ जेल में बंद किया गया है. अमृतपाल को 4 दिनों की पैरोल मिली है.

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वारिस पंजाब दे का चीफ अमृतपाल, पंजाब के खडूर साहिब लोकसभा सीट से सांसदी का चुनाव जीता है. खालिस्तानी, सांसद पद की शपथ लेगा और उसे पैरोल भी मुल चुकी है. उसे 4 दिनों की पैरोल मिली है. पैरोल की कई शर्तें ऐसी हैं, जिनकी वजह से वह अपने घर नहीं जा सकेगा. अमृतपाल लोकसभा चुनाव तो जीत गया है लेकिन उसे पंजाब में एंट्री नहीं मिलेगी. वह अपने गांव रईया भी नहीं जा सकेगा.

खालिस्तानी अमृतपाल, अब भी जांच एजेंसियों के आंखों की किरकिरी है. शुक्रवार से अगले 4 दिनों तक वह पैरोल पर घूमेगा. असम के डिब्रूगढ़ जेल अधीक्षक को उन शर्तों के बारे में बता दिया गया है, जिनके आधार पर उसे जमानत मिली है. अमृतपाल सिर्फ शपथ लेने के लिए ही दिल्ली आ सकेगा. वह कहीं और नहीं जाएगा. उसे रात में भी दिल्ली ही रुकना होगा. 

क्या है अमृतपाल का शेड्यूल? जानिए पैरोल से जुड़ी शर्तें

अमृतपाल 4 जून को दिल्ली पहुंचेगा. वह रात में यहीं रुकेगा और उसके आसपास भारी मात्रा में पुलिसबल तैनात रहेंगे. वह हमेशा सुरक्षा घेरे में रहेगा. उससे कोई मिल नहीं सकेगा. पंजाब पुलिस उसे सुरक्षा देगी. अमृतपाल को दिल्ली लाने के लिए एक टुकड़ी असम के डिब्रूगढ़ गई है. डिब्रूगढ़ के भी पुलिसकर्मी उसके साथ रहेंगे. 

कैसे दिल्ली जाएगा अमृतपाल?

अमृतपाल सिंह के दिल्ली आने का प्लान राज रखा गया गया है. अमृतपाल, संसद भवन में शपथ लेगा और वापस चला जाएगा. यह भी नहीं पता है कि वह दिल्ली कैसे आ रहा है. अमृतपाल निर्दलीय चुनाव लड़ा था और उसे कुल 4,04,430 वोट हासिल हुए थे. वहीं कांग्रेस उम्मीदवार कुलबीरसिंह जारा को महज 2,07,310 वोट पड़े थे. जीत का मार्जिन करीब 197120 था. 

कहां शपथ लेगा अमृतपाल?

अमृतपाल के शपथ ग्रहण की इजाजत NIA ने दे दी है. अमृतपाल 5 जून को शपथ लेगा. स्पीकर के कार्यालय में ही खालिस्तानी अमृतपाल शपथ लेगा.  अमृतपाल अब सधे राजनेता की तरह खुद को पेश कर रहा है. उसने अपनी मां बलविंदर कौर की ओर से मांग कराई है कि उसे पंजाब आने की इजाजत दी जाए, जिससे वह अपनी लोकसभा में लोगों की मुश्किलें सुन सके. 

क्यों मिली है अमृतपाल को पैरोल?

लोकसभा चुनाव के 60 दिनों के भीतर निर्वाचित सदस्यों को संसद में शपथ लेनी होती है. अमृतपाल पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत केस दर्ज है. उस पर यूएपीए भी लगा है. ऐसे में उसकी जमानत की डगर बहुत मुश्किल है. 

कौन है खालिस्तानी अमृतपाल?

अमृतपाल, जल्लुपुर खेड़ा गांव में पैदा हुआ था. वह वारिस पंजाब दे संगठन का मुखिया है. पंजाब में खालिस्तानी मूवमेंट को हवा देने वाला सबसे बड़ा चेहरा बन गया है. उसे जरनैल सिंह भिंडरावाले 2.0 कहा जा रहा है. अमृतपाल सिंह का पंजाब में अचानक उभार हुआ है. अमृतपाल ने 23 फरवरी को अजनाला थाने में घुसकर तांड़व मचाया था. जब विवाद बढ़ा तो उसके खिलाफ वारंट जारी कना पड़ा. पुलिस कई हफ्ते उसे तलाशती रही. उसे 23 अप्रैल को मोगा से पकड़ा गया. अमृतपाल एक दिन भी चुनाव प्रचार के लिए नहीं गया लेकिन वह बड़े अंतर से चुनाव जीता. पंजाब में उसका उभार हैरान करने वाला है.