केंद्रीय कैबिनेट की मीटिंग में आज यानी मंगलवार को केरल का नाम बदलकर केरलम करने पर सहमति बन सकती है. इसे राज्य के विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा फैसला माना जा रहा है. हालांकि ऑफिशियल रिकॉर्ड में नाम बदलने का प्रस्ताव राज्य विधानसभा से पहले ही पास किया जा चुका है.
केरल में इस साल के मई महीने में चुनाव होने की उम्मीद है. उससे पहले राज्य के नाम में बदलाव की घोषणा की जा सकती है. चुनाव आयोग की ओर से अभी चुनाव की तारीख की कोई घोषणा नहीं की गई है, लेकिन चुनावी साल में सरकार इस बड़े फैसले पर मुहर लगा सकती है.
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने 2024 में इस प्रस्ताव को पेश किया था. उन्होंने केरल के नाम बदलने के प्रस्ताव को पेश करते हुए कहा था कि केंद्र सरकार केरल का नाम बदलकर केरलम कर दें. विधानसभा में 25 जून 2024 को दूसरी बार इस प्रस्ताव को पास कर दिया गया. सीएमविजयन ने बताया कि केरल को मलयालम में केरलम कहा जाता है. मलयालम बोलने वाले समुदाय के लोग इसकी मांग राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के समय से कर रहे हैं. आज की यूनियन बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए ऑफिस सेवा तीर्थ में की जा रही है.
केरल के बीजपी अध्यक्ष अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने भी लंबे समय से की जा रही इस मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था. जिसमें उन्होंने केरल का नाम बदलकर केरलम रखने की बात कही थी. नाम में बदलाव मलयालम भाषा और सांस्कृतिक पहचान की गहराई से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. इस मांग को विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया था. अब इस पर फाइनल मुहर लगाने पर फैसला आज लिया जा सकता है. सीएम विजयन का कहना था कि नाम बदलने से राज्य और भी ज्यादा सुरक्षित होगा. सभी लोग अपनी आस्था को लेकर सुरक्षित महसूस करेंगे. हालांकि चुनाव से पहले सरकार इसपर अपना फाइनल फैसला ले सकती है. इस फैसले से मलयाली समुदाय के लोगों में खुशी की लहर आ सकती है.