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India Daily

कौन हैं कशिश मेथवानी? मिस इंटरनेशनल इंडिया बनने के बाद CDS में हासिल की AIR 2, भारतीय सेना में बनीं लेफ्टिनेंट

कशिश मेथवानी ने मिस इंटरनेशनल इंडिया का ताज जीतने के बाद CDS परीक्षा में AIR 2 हासिल कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर साबित किया कि सपनों और देशसेवा का रास्ता एक साथ तय किया जा सकता है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
कौन हैं कशिश मेथवानी? मिस इंटरनेशनल इंडिया बनने के बाद CDS में हासिल की AIR 2, भारतीय सेना में बनीं लेफ्टिनेंट
Courtesy: @NalinisKitchen

ग्लैमर की दुनिया से निकलकर सेना की वर्दी तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन कशिश मेथवानी ने यह कर दिखाया. एक ओर जहां उन्होंने ब्यूटी पेजेंट में नाम कमाया, वहीं दूसरी ओर उन्होंने देश सेवा का सपना भी जिंदा रखा. CDS परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर और कड़ी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अब वह भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में सेवा दे रही हैं. उनकी कहानी आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है.

सपनों की शुरुआत और शुरुआती जीवन

कशिश मेथवानी का जन्म 9 जनवरी 2002 को मुंबई के पास उल्हासनगर में एक सिंधी परिवार में हुआ. बचपन से ही उनके मन में दो बड़े सपने थे- एक मिस इंडिया बनने का और दूसरा देश की सेवा करने का. उन्होंने अपनी पढ़ाई में भी शानदार प्रदर्शन किया और सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी से बायोटेक्नोलॉजी में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. इसके अलावा उन्होंने बेंगलुरु में न्यूरोसाइंस पर शोध भी किया. उन्हें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी का ऑफर भी मिला, जो उनके शैक्षणिक कौशल को दर्शाता है.

ग्लैमर की दुनिया से सेना तक का सफर

कशिश ने 2023 में मिस इंटरनेशनल इंडिया का खिताब जीतकर अपनी पहचान बनाई. लेकिन उनके लिए यह केवल एक उपलब्धि नहीं थी, बल्कि एक कदम था अपने बड़े लक्ष्य की ओर. उन्होंने 2024 में CDS परीक्षा दी और ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल कर सबको चौंका दिया. इसके बाद उन्होंने चेन्नई की ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में 11 महीने की कड़ी ट्रेनिंग पूरी की. यह सफर आसान नहीं था, लेकिन उनके जुनून और अनुशासन ने उन्हें सफलता दिलाई.

सेना में शामिल होने के बाद नई पहचान

ट्रेनिंग पूरी करने के बाद कशिश मेथवानी को 6 सितंबर को आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन मिला. उन्हें एयर डिफेंस रेजिमेंट में नियुक्त किया गया. उन्होंने खुद कहा कि मॉडलिंग ने उन्हें पहचान दी, लेकिन सेना की वर्दी ने उन्हें जीवन का असली उद्देश्य दिया. उनके लिए देश सेवा सबसे बड़ा सम्मान है, और यही भावना उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है.

परिवार और समाज के लिए योगदान

कशिश के परिवार का भी उनके जीवन में बड़ा योगदान रहा है. उनके पिता वैज्ञानिक रहे हैं और उनकी मां एक स्कूल टीचर थीं. परिवार से मिली प्रेरणा ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की ताकत दी. कोविड-19 के दौरान उन्होंने “क्रिटिकल कॉज” नाम की पहल शुरू की, जिसके जरिए उन्होंने लोगों को प्लाज्मा, रक्त और अंगदान के लिए प्रेरित किया. इसके अलावा उन्होंने भरतनाट्यम, डिबेट और खेलों में भी हिस्सा लिया, जिससे उनका व्यक्तित्व और मजबूत बना.