नई दिल्ली में विरोध मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. पुलिस के अनुसार, रैपिड एक्शन फोर्स के एक जवान पर कथित जानलेवा हमले के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस का कहना है कि मंगलवार शाम करीब आठ बजे प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने जवान को घेर लिया और उसके साथ मारपीट की.
मिली जानकारी के मुताबिक मौके पर मौजूद अन्य जवानों ने हस्तक्षेप कर उसे सुरक्षित बाहर निकाला. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं को लेकर अब तक करीब आठ से नौ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं. इनमें पुलिसकर्मियों पर हमला, सरकारी काम में बाधा पहुंचाना, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं. अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों की अलग-अलग जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस क्षेत्र में हुई पत्थरबाजी का एक वीडियो भी सार्वजनिक किया है. वीडियो में कुछ लोग पुलिस बैरिकेड के पीछे और उसके आसपास से पत्थर फेंकते दिखाई दे रहे हैं. पुलिस अब 250 से अधिक वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटनाएं किसी पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा थीं या नहीं.
पुलिस ने संसद सत्र के दौरान प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने के मामले में भी एक अलग प्राथमिकी दर्ज की है. इसके अलावा हिंसा की कथित साजिश से जुड़े मामले की भी जांच की जा रही है, जिसमें जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है. दिल्ली पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे किसी भी विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून का पालन करें, संयम बनाए रखें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें.