कर्नाटक बीजेपी द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक राजनीतिक मीम को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है. 'सीजेपी' (CJP) ने इस पोस्ट की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ पार्टी इसके जरिए सरकार से सवाल पूछने वाले युवाओं और आलोचकों के खिलाफ खुलेआम हिंसा और जनसंहार का आह्वान कर रही है.
विवादित पोस्ट में लोकप्रिय फिल्म 'केजीएफ चैप्टर 2' के एक एक्शन सीन का उपयोग किया गया है, जिसमें पात्र अपने विरोधियों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी करते दिख रहे हैं. बीजेपी ने इस दृश्य को अपने विभिन्न राज्य यूनिटों और विरोधियों यानी "दिमागी नक्सलियों" के रूप में दर्शाते हुए कैप्शन दिया था कि इनसे पूरे बल के साथ मुकाबला किया जाएगा.
No slowing down - taking on "Dimaagi Naxals" with full force! https://t.co/cYhIZmKJ6E pic.twitter.com/iqANzyrBRT
— BJP Karnataka (@BJP4Karnataka) August 27, 2026
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लिखा कि पार्टी इतनी नफरत में डूबी है कि वह एक पूरी पीढ़ी के खात्मे की बात कर रही है. उन्होंने इसकी तुलना नाजी जर्मनी में हिटलर द्वारा यहूदियों के दमन से करते हुए कहा कि यह देश के संविधान और लोकतंत्र की मूल भावना के पूरी तरह खिलाफ है.
Are we really witnessing a ruling party openly calling for mass genocide?
— Cockroach Janta Party - CJP (@Cockroachisback) August 29, 2026
We cannot simply brush this off. https://t.co/5Kw45ozuhq
यह पूरा विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संबोधन के बाद गरमाया है, जिसमें उन्होंने लाल किले से कहा था कि देश में हथियारों वाले नक्सल तो खत्म हो चुके हैं, लेकिन अब कुछ "दिमागी नक्सली" समाज में सक्रिय हैं, जिन्हें पहचान कर अलग-थलग करने की आवश्यकता है ताकि देश सही रास्ते पर आगे बढ़ सके.