गुजरात के वडोदरा में आयोजित ‘Sardar@150 Unity March’ के दौरान शनिवार को एक सुरक्षा कर्मी अचानक मंच के पास बेहोश हो गया, लेकिन भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपना भाषण जारी रखा. इस घटना ने राजनीतिक विवाद को हवा दे दी है.
कांग्रेस और भारतीय युवा कांग्रेस ने भाजपा पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के शीर्ष नेताओं ने न तो भाषण रोका और न ही सहायता के लिए कोई कदम उठाया. वहीं नड्डा ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर सरदार पटेल को इतिहास से मिटाने की कोशिश का आरोप लगाया.
घटना के वायरल वीडियो के बाद कांग्रेस ने कहा कि भाजपा के लिए सत्ता ही सबकुछ है और मानवता का कोई मूल्य नहीं. युवा कांग्रेस ने लिखा कि जब सामने गिरते व्यक्ति की परवाह नहीं, तो आम जनता की महंगाई, बेरोज़गारी और संकटों की चिंता कैसे करेंगे?
BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा गुजरात में एक कार्यक्रम में भाषण दे रहे थे, तभी एक सुरक्षा कर्मी बेहोश होकर गिर पड़ा।
— Congress (@INCIndia) November 30, 2025
लेकिन न तो जेपी नड्डा ने भाषण रोका, न ही मंच पर बैठे BJP के नेता मदद को आगे आए।
ये बताता है कि BJP के नेताओं में संवेदना का जरा भी भाव नहीं है।
यही वजह है कि जनता चाहे… pic.twitter.com/aUUXagfNCq
युवा कांग्रेस ने कहा कि नड्डा ने न भाषण रोका, न मंच पर मौजूद नेताओं ने सहायता की कोशिश की. पोस्ट में कहा गया कि यही भाजपा की असलियत है- आम लोगों की परेशानियाँ उनके लिए अहम नहीं, केवल पावर मायने रखता है.
अपने भाषण में नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सरदार पटेल को इतिहास से मिटाने की साजिश रची. उन्होंने कहा कि पार्टी ने पटेल की याद को कमजोर करने के लिए कई वर्षों तक योजनाबद्ध तरीके से प्रयास किए और उनकी छवि को पीछे धकेला.
नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार ने पटेल को सही मायनों में सम्मान दिया, लेकिन स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण पर कांग्रेस ने सवाल उठाए. उन्होंने बताया कि दुनिया की सबसे ऊंची इस प्रतिमा को बनाने पर भी विपक्ष ने लागत और उद्देश्य पर आपत्ति जताई.
नड्डा ने याद दिलाया कि सरदार पटेल ने 562 रियासतों का विलय कर देश को एकजुट किया था. उन्होंने कहा कि इसके बावजूद कश्मीर मुद्दे को नेहरू की नीतियों ने लंबा खींच दिया, जबकि पटेल एकीकरण के प्रतीक बन चुके थे.