Jharkhand Congress MP Dheeraj Sahu IT Raid: झारखंड के कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद धीरज साहू आज राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गए हैं. आयकर विभाग की रेड में उनके पास से मिली अकूत नगदी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है. ताजा जानकारी के मुताबिक आईटी विभाग ने साहू के परिसरों से अभी तक बरामद 300 करोड़ रुपये की नगदी की गिनती कर ली है. अब अधिकारियों को उम्मीद है कि रकम अभी और बढ़ेगी. उधर, कांग्रेस ने धीरज साहू से अपना पल्ला झाड़ लिया है.
जानकारी के मुताबिक घीरज साहू से अब तक 300 करोड़ रुपये की नगदी की गिनती की जा चुकी है. आईटी अधिकारियों को उम्मीद है कि कुल जब्तीकरण की रकम 350 करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो सकती है. ओडिशा के बौध जिले में स्थित बौध डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े परिसरों (झारखंड और पश्चिम बंगाल) में बुधवार से छापेमारी शुरू हुई थी, जो अभी तक जारी है. कंपनी झारखंड से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू से जुड़ी है, जिनके बेटे रितेश साहू प्रबंध निदेशक हैं, जबकि बड़े भाई उदय शंकर प्रसाद उस कंपनी के अध्यक्ष हैं, जो एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल बनाती है.
शनिवार को आईटी अधिकारियों ने साहू के कथित करीबी शराब व्यापारी राज किशोर जायसवाल के आवास की भी तलाशी ली. एजेंसी ने पहले कहा था कि शराब डिस्ट्रीब्यूटर, विक्रेताओं और व्यावसायिक समूहों की ओर से महत्वपूर्ण 'आउट ऑफ बुक' बिक्री और नकद लेनदेन के संबंध में खुफिया जानकारी के बाद छापेमारी शुरू की गई थी. एक वरिष्ठ आईटी अधिकारी ने कहा कि शुक्रवार की रात बौध डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड के एमडी रितेश साहू के सहयोगी, शराब व्यापारी बंटी साहू के बलांगीर घर से नोटों के 20 बैग जब्त किए गए थे. उस पैसे की गिनती अभी बाकी है.
अधिकारियों ने बताया है कि हमने नोटों की गिनती के लिए करीब 40 बड़ी और छोटी मशीनें लगाई हैं ताकि गिनती तेजी की जा सके. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमने बलांगीर और संबलपुर जिलों में एसबीआई से रविवार को काउंटिंग में शामिल होने के लिए कहा है. आईटी अधिकारियों ने कहा कि वे शराब की दुकानों में झोपड़ियों और टूटी-फूटी अलमारियों समेत अप्रत्याशित स्थानों से नगदी मिलने पर हैरान हैं. कुछ देर के लिए हमें लगा कि हम किसी बैंक के स्ट्रॉन्ग रूम में हैं.
इसी बीच भाजपा ने देश के विभिन्न हिस्सों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि बड़ी मात्रा में नकदी की जब्ती कांग्रेस के भ्रष्टाचार का संकेत है. भाजपा नेता स्मृति ईरानी, अनुराग ठाकुर और धर्मेंद्र प्रधान समेत कई भाजपा नेताओं ने कांग्रेस को घेरा है. कार्रवाई के दौरान ओडिशा के सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजेडी) की ओर से कहा गया है कि उसके नेता किसी भी तरह से उन शराब व्यापारियों से जुड़े नहीं थे, जिनके खिलाफ आईटी विभाग ने कार्रवाई की है. मुख्यमंत्री (नवीन पटनायक) ने आश्वासन दिया है कि कानून अपना काम करेगा. बीजद विधायक सत्यनारायण प्रधान ने कहा कि जो भी गलत है उसे बख्शा नहीं जाएगा और गलत काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि पार्टी का साहू के कारोबार से कोई लेना-देना नहीं है और इस मामले को स्पष्ट करने का जिम्मा झारखंड से तीन बार के राज्यसभा सदस्य पर छोड़ दिया गया है. कहा गया है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस किसी भी तरह से सांसद धीरज साहू के व्यवसायों से जुड़ी नहीं है. केवल वही बता सकते हैं कि आयकर अधिकारियों ने कथित तौर पर उनकी संपत्तियों से कैसे इतनी बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की है?