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UGC नियमों और आरक्षण पर दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन, हजारों की भीड़ से गरमाया जंतर-मंतर

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को आरक्षण सुधार और UGC के इक्विटी नियमों के विरोध में बड़ी संख्या में लोग जुटे. प्रदर्शनकारियों ने जातिगत आरक्षण में बदलाव और प्रधानमंत्री को ज्ञापन देने की मांग की.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
UGC नियमों और आरक्षण पर दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन, हजारों की भीड़ से गरमाया जंतर-मंतर
Courtesy: social media

नई दिल्ली का जंतर-मंतर शुक्रवार को एक बड़े प्रदर्शन का गवाह बना. अनारक्षित वर्गों से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने UGC के इक्विटी नियमों और मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग उठाई. Reservation Reform Andolan के बैनर तले हुए प्रदर्शन में कई संगठनों के लोग शामिल हुए और सरकार के सामने अपनी मांगें रखीं.

जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारी

शुक्रवार को जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पहुंचे. यह प्रदर्शन Reservation Reform Andolan के बैनर तले आयोजित किया गया था, जिसका नेतृत्व NEET अभ्यर्थी हर्ष दुबे ने किया. राजस्थान की General Sena और Chanakya Sena के साथ Karni Sena के सदस्य भी प्रदर्शन में शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने खुद को मुख्य रूप से अनारक्षित वर्गों से जुड़ा बताया और UGC के इक्विटी नियमों पर आपत्ति जताई. उनका कहना था कि जातिगत आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है. हालांकि प्रदर्शन में शामिल लोगों की वास्तविक संख्या का कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है.

आरक्षण में सुधार की उठी मांग

प्रदर्शनकारियों ने जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को प्रमुखता से उठाया. कुछ लोगों ने SC/ST Act को लेकर भी विरोध जताया और इसके प्रावधानों को वापस लेने की मांग की. उनका तर्क था कि किसी भी कानून का गलत इस्तेमाल किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं होना चाहिए और सरकार को ऐसे दुरुपयोग को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए. प्रदर्शन में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अजीत भारती भी मौजूद रहे, जो UGC नियमों और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर पहले भी अपनी राय रखते रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने पर जोर दिया.

हनुमान चालीसा और जयकारों से गूंजा परिसर

प्रदर्शन के दौरान धार्मिक नारे भी सुनाई दिए. सामने आए वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी हनुमान चालीसा का पाठ करते और ‘सियावर रामचंद्र की जय’ के नारे लगाते दिखाई दिए. प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे. दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के आसपास बैरिकेड लगाए थे और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था. दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवान भी मौके पर मौजूद रहे. प्रदर्शन को लेकर अनुमति के मुद्दे पर भी पहले से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी.

प्रधानमंत्री को ज्ञापन देने पर अड़े प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे अपनी मांगों का ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाने के बाद ही वहां से हटेंगे. उनका जोर UGC के इक्विटी नियमों की समीक्षा और आरक्षण व्यवस्था में सुधार पर था. शुक्रवार का प्रदर्शन ऐसे समय हुआ, जब जंतर-मंतर पहले भी लंबे विरोध प्रदर्शनों का केंद्र रहा है. इस बार अलग-अलग संगठनों और समूहों के एक साथ आने से प्रदर्शन ने ध्यान खींचा. हालांकि, प्रशासन की ओर से प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक अनुमान जारी नहीं किया गया है.