आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भारत की प्रति व्यक्ति आय को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. शुक्रवार को जारी एक वीडियो में उन्होंने दावा किया कि भारत की सालाना प्रति व्यक्ति आय 2,800 डॉलर है, जबकि बांग्लादेश की 2,900 डॉलर बताई जा रही है. केजरीवाल ने इस आंकड़े को देश के लिए चिंता का विषय बताते हुए सरकार से जवाब मांगा. बता दें कि IMF के 2026 के आकलन के मुताबिक, केजरीवाल के ये दावे सही लगते हैं.
केजरीवाल ने कहा कि 2014 में भारत की प्रति व्यक्ति आय बांग्लादेश से काफी अधिक थी. उनके मुताबिक, उस समय भारत की प्रति व्यक्ति आय करीब 1,600 डॉलर थी, जबकि बांग्लादेश की यह आय लगभग 1,100 डॉलर थी. उन्होंने सवाल उठाया कि एक दशक से ज्यादा समय में परिस्थितियां कैसे बदल गईं और बांग्लादेश भारत से आगे कैसे निकल गया.
आज per capita income में भारत बांग्लादेश से भी पीछे हो गया है।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 21, 2026
देश ने मोदी जी को प्रधानमंत्री इसलिए बनाया था कि वो हमें दुनिया का सबसे अमीर देश बनायेंगे। लेकिन उन्होंने तो भारत को बांग्लादेश से भी गरीब बना दिया। pic.twitter.com/Wr47IkKviK
केजरीवाल ने अपने वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि लोगों ने उम्मीद की थी कि मोदी सरकार भारत को दुनिया की सबसे बड़ी और समृद्ध अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करेगी. उन्होंने कहा कि मौजूदा आंकड़ों को देखते हुए सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आर्थिक विकास का लाभ आम नागरिक की आय में किस तरह दिखाई दे रहा है.
आप नेता ने भारत की तुलना विकसित देशों से करते हुए स्विट्जरलैंड, सिंगापुर और अमेरिका की प्रति व्यक्ति आय के आंकड़ों का भी उल्लेख किया. उनके अनुसार, स्विट्जरलैंड की प्रति व्यक्ति आय करीब 1.15 लाख डॉलर, सिंगापुर की 99 हजार डॉलर और अमेरिका की 90 हजार डॉलर है. उन्होंने कहा कि इन देशों की तुलना में भारत अभी काफी पीछे है और इस अंतर को कम करना बड़ी चुनौती है.
केजरीवाल ने अपने बयान में कहा कि वह ऐसी बात बताने जा रहे हैं, जिसे सुनकर हर देशभक्त को झटका लग सकता है. उन्होंने दावा किया कि भारत अब प्रति व्यक्ति आय के मामले में बांग्लादेश से पीछे है. हालांकि, प्रति व्यक्ति आय की गणना अलग-अलग तरीकों और स्रोतों के आधार पर बदल सकती है, इसलिए इन आंकड़ों को उनके संदर्भ और इस्तेमाल की गई पद्धति के साथ देखना जरूरी है.
केजरीवाल के बयान के बाद भारत की आर्थिक स्थिति और प्रति व्यक्ति आय को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो सकती है. प्रति व्यक्ति आय किसी देश की औसत आर्थिक आय का एक संकेतक है, लेकिन इससे अकेले लोगों की वास्तविक जीवन-स्तर, आय असमानता या क्रय शक्ति की पूरी तस्वीर सामने नहीं आती. ऐसे में भारत और बांग्लादेश की तुलना करते समय संबंधित आर्थिक मानकों को भी ध्यान में रखना जरूरी है.