नई दिल्ली: राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ की मिमिक्री विवाद को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती की बड़ी प्रतिक्रिया सामने आयी है. मायावती ने बड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि उपराष्ट्रपति का नकल उतारना और आरोप प्रत्यारोप भी ठीक नहीं है. संसदीय परंपराओं को बचाना बेहद जरुरी है. संसदीय परंपरा की रक्षा की जिम्मेदारी सबकी है. सभापति का मजाक उड़ाना और उसके वीडियो को वायरल करना ठीक नहीं है. संसद के इतिहास में ऐसी घटना कभी नहीं हुई. BSP भले ही इंडिया गठबंध का हिस्सा नहीं है लेकिन सांसदों को निलंबन करने वाली ये घटना दुखद है.
वहीं संसद स्मोक कांड को लेकर मायावती ने कहा कि संसद की सुरक्षा में सेंधमारी चिंता का विषय है. जो भी दोषी हो उसे कठोर दंड मिलना चाहिए. वहीं सांसदों के निलंबन को लेकर मायावती ने कहा कि हमारी पार्टी BSP का मानना है कि मौजूदा संसद सत्र में करीब 150 सांसदों का निलंबन विपक्ष या सरकार के लिए कोई अच्छा काम या मील का पत्थर नहीं है. संसदीय इतिहास के लिए यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और लोगों के विश्वास पर आघात है. इस बीच निलंबित सांसदों द्वारा संसद परिसर में उपराष्ट्रपति की मिमिक्री का वीडियो भी अनुचित और अशोभनीय है.
#WATCH | BSP chief Mayawati says, "Our party believes that the suspension of around 150 MPs in the current Parliament session is not a good work or milestone for the Opposition or the Government. For the Parliamentary history, this incident is very unfortunate and a blow to… pic.twitter.com/hcHNjvQ5Xb
— ANI (@ANI) December 21, 2023Also Read
मायावती ने अपने बयान में आगे कहा कि सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद की ऐसी घटनाओं से लोकतंत्र और देश की संसदीय परंपराओं को शर्मसार होने से बचाना जरूरी है. विपक्ष-मुक्त संसद में आवश्यक विधेयकों का पारित होना भी एक अच्छी मिसाल नहीं है. BSP भले ही इंडिया गठबंध का हिस्सा नहीं है लेकिन सांसदों को निलंबन करने वाली ये घटना दुखद है. विपक्ष का मजाक उड़ाने वाला वायरल होना भी ठीक नहीं.
जब संसद के निलंबित सांसदों के विरोध प्रदर्शन के दौरान TMC के निलंबित सांसद कल्याण बनर्जी को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की नकल करते देखा गया, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अपने फोन से TMC सांसद का वीडियो बनाते देखा गया था.