पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध ने दुनिया के साथ-साथ भारत की भी धड़कनें बढ़ा दी हैं. ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव से पैदा हुए ऊर्जा संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब कमान संभाल ली है. कल शुक्रवार को पीएम मोदी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक बेहद अहम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करने जा रहे हैं. आपको बता दें की कोविड के समय भी पीएम ऐसे ही हर स्टेट के सीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करते थे.
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश में तेल, गैस और उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करना है. सूत्रों के अनुसार, बैठक में टीम इंडिया की भावना के साथ केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल बिठाने पर चर्चा होगी. हालांकि, जिन राज्यों में विधानसभा चुनावों की घोषणा हो चुकी है, वहां के मुख्यमंत्री इसमें शामिल नहीं होंगे.
PM Narendra Modi will interact with CMs tomorrow evening through video conferencing on the West Asia conflict to review preparedness and plans of states. Meeting to focus on ensuring synergy of efforts in the spirit of ‘Team India’. pic.twitter.com/CxOKdk2HcV
— ANI (@ANI) March 26, 2026Also Read
इससे पहले राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने देश को आगाह किया था. उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर यह जंग लंबी खिंचती है, तो इसका असर वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ेगा और भारत इससे बच नहीं पाएगा. पीएम ने विपक्षी दलों समेत सभी से एकजुट होने की अपील की है.
ईरान युद्ध के कारण भारत के सामने खड़ी चुनौतियों को इन आंकड़ों से समझा जा सकता है:
तेल और गैस पर निर्भरता: भारत अपनी जरूरत का 80-90% कच्चा तेल और 90% एलपीजी पश्चिम एशिया से आयात करता है. होर्मुज जलडमरूमध्य के बाधित होने से यह सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा गई है.
रणनीतिक भंडार: भारत के पास फिलहाल 53 लाख मीट्रिक टन का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार है, जिसे बढ़ाकर 65 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार के पास फिलहाल 60 दिनों का बैकअप मौजूद है.
बेरोजगारी और महंगाई: फरवरी 2026 में देश की बेरोजगारी दर 4.4% दर्ज की गई है. युद्ध के कारण बढ़ती ईंधन की कीमतें महंगाई को और बढ़ा सकती हैं.
सुरक्षा का सवाल: खाड़ी देशों में लगभग 1 करोड़ भारतीय रहते हैं. सरकार अब तक 3.75 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाल चुकी है.
कालाबाजारी पर नजर: पीएम ने राज्यों को सख्त निर्देश दिए हैं कि संकट के समय आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए.
प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कर दिया है कि भारत अब आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा. एथेनॉल ब्लेंडिंग और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्पों पर जोर दिया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसे वैश्विक झटकों से बचा जा सके.