Indore Lok Sabha Seat Result: इंदौर ने फिर रचा 'सफाई' का इतिहास, NOTA ने किया कमाल; एक साथ टूट गए 3 रिकॉर्ड
Indore Lok Sabha Seat Result: लोकसभा चुनाव की मतगणना में अब रुझान परिणाम में बदलने लगे हैं. मध्य प्रदेश में बीजेपी ने 2 सीटें जीत ली है. वहीं 27 सीटों पर अभी लीड कर रही है. ऐसे में इंदौर से बड़ा इंटरेस्टिंग फैक्ट सामने आया है. यहां दूसरे नंबर पर नोटा है.
Indore Lok Sabha Seat Result: लोकसभा चुनाव 2024 के की मतगणना जारी है. इसमें NDA गठबंधन एग्जिट पोल से इतर काफी पीछे नजर आ रहा है. वहीं देश में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के पास अच्छे खासे नंबर आ रहे हैं. इस बीच मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने क्लीन स्वीप कर दिया है. अभी तक आए आंकड़ों में बीजेपी ने इंदौर और टीकमगढ़ जीत ली है. वहीं बाकी की 27 सीटों पर लीड बनी है. इंदौर में तो 3 रिकॉर्ड एक साथ टूट गए हैं.
इंदौर लोकसभा चुनाव के रिजल्ट में एक साथ 3 रिकॉर्ड बन गए हैं. देश में अब तक इतिहास में बीजेपी के हिस्से सबसे ज्यादा वोट आए हैं. इसके साथ ही ये देश की देश में बड़ी जीत बन गई है. वही आज तक में यहां नोटा को सबसे ज्यादा वोट मिले हैं.
इंदौर का रिजल्ट
इंदौर में शुरुआत से ही भाजपा प्रत्याशी शंकर लालवानी ने बढ़त बनाए रखी थी. मतगणना खत्म होते तक उन्होंने 11 लाख 77 हजार मतों का अंतर बना लिया. उनके सामने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में चुनाव लड़ रहे बहुजन समाज पार्टी के संजय सोलंकी ने करीब 51 हजार वोट हासिल किए. वोटों की बात करें तो शंकर लालवानी को 1226751 वोट मिले. वहीं संजय सोलंकी को 51659 वोट मिले हैं.
Also Read
एक साथ टूटे 3 रिकॉर्ड
- भारतीय जनता पार्टी को 12 लाख 26 हजार 751 वोट मिले है. पिछली बार भाजपा को 10.68 लाख वोट मिले थे. यानी बीजेपी ने अपना पिछला रिकॉर्ड ही तोड़ दिया है.
- शंकर लालवानी ने देश में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है. उनकी जीत का अंतर 11 लाख से ऊपर है. इससे पहले सबसे बड़ी जीत 2019 में गुजरात की नवसार सीट से हुई थी. भाजपा के सीआर पाटिल ने 6.90 लाख वोट की लीड के साथ जीत हासिल की थी.
- पहली बार देश में 218674 वोट नोटा को मिले हैं. अब तक देश में रिकॉर्ड बिहार की गोपालगंज में नोटा को वोट मिले थे. साल 2019 के यहां नोटा को 51,600 वोट मिले थे.
चुनाव से पहले हो गया था खेल
इंदौर में मतदान से पहले ही बड़ा खेल हो गया था. बीजेपी ने शंकर लालवानी को फिर से मैदान में उतारा तो उनके सामने कांग्रेस ने अक्षय कांति बम को टिकट दिया. उन्होंने नामांकन भी किया लेकिन नाम वापसी के आखिरी रोज उन्होंने अपना नाम वापस लेकर बीजेपी ज्वाइन कर ली थी. कहीं न कहीं इसी कारण नोटा को इतने वोट पड़े हैं.