नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो अभी भी परिचालन संकट से जूझ रही है, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति में सुधार दिखना शुरू हो गया है. कई विमान अभी भी जमीन पर खड़े हैं और उड़ान नहीं भर पा रहे. रविवार को इंडिगो ने 650 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी. इस बीच एयरलाइन का बयान सामने आया है. एयरलाइन के मुताबिक, कंपनी आज (7 दिसंबर) अपनी निर्धारित लगभग 2300 घरेलू और इंटरनेशनल उड़ानों में से 1650 से अधिक उड़ानें संचालित कर रही है.
इंडिगो छठे दिन भी परिचालन संकट से जूझ रही है. शुक्रवार को 1000 से ज्यादा उड़ानें रद्द की गई थी, जबकि शनिवार को 850 से अधिक उड़ानें निरस्त करनी पड़ी. रविवार को रद्द उड़ानों की संख्या पहले की तुलना में कम रही, जिससे साफ पता चलता है कि हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं.
एयरलाइन ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि वह 10 दिसंबर तक अपने पूरे नेटवर्क को स्थिर करने की उम्मीद कर रही है. इससे पहले 10 से 15 दिसंबर के बीच स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन अब उम्मीद है कि यह प्रक्रिया जल्दी पूरी हो सकती है. शनिवार को इंडिगो ने लगभग 1500 उड़ानें संचालित की थी और करीब 800 उड़ानें रद्द करनी पड़ी थी. बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी, कई लोगों की यात्राएं बीच में रुक गई या फिर प्लान बदलने पड़े.
इंडिगो के प्रवक्ता ने बताया कि हाल ही में जो परिचालन संबंधी दिक्कतें सामने आई, उन्हें दूर करने के लिए कंपनी लगातार तेजी से काम कर रही है. उनका कहना है कि रविवार को एयरलाइन 1650 से अधिक उड़ानें संचालित कर रही है, जो बताता है कि हालात बेहतर हो रहे हैं.
एयरलाइन ने कहा कि शनिवार को स्थिति सुधारने की दिशा में पहला बड़ा कदम उठाया गया था. इसका परिणाम यह हुआ कि रविवार को न सिर्फ रद्द उड़ानों की संख्या कम हुई, बल्कि ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) भी बेहतर हुई है. कंपनी के अनुसार, अब ऑन-टाइम परफॉर्मेंस 75 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि शुक्रवार को यह मात्र 8.5 प्रतिशत रह गई थी, जो इंडिगो के इतिहास का सबसे खराब स्तर माना गया.