नई दिल्ली: इंडिगो एयरलाइन के सीईओ पीटर एल्बर्स ने कहा कि एयरलाइन का सबसे बड़ा लक्ष्य फिलहाल अपने ऑपरेशन्स को सामान्य करना और समयबद्ध उड़ानों को वापस पटरी पर लाना है. उन्होंने माना कि यह कोई आसान काम नहीं है. कर्मचारियों को भेजे गए संदेश में एल्बर्स ने यह भी स्वीकार किया कि हाल के दिनों में इंडिगो अपने ग्राहकों को वादा किए गए अच्छे अनुभव देने में सफल नहीं हो सकी और इसके लिए उन्होंने माफी भी मांगी.
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले कुछ दिनों से कई ऑपरेशनल समस्याओं का सामना कर रही है. गुरुवार को 300 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई और कई फ्लाइट्स ने देरी से उड़ान भरी. एल्बर्स ने कहा कि पिछले कुछ दिन इंडिगो के ग्राहकों और कर्मचारियों दोनों के लिए बहुत मुश्किल भरे रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा कि हम हर दिन 3 लाख से अधिक ग्राहकों को सेवा प्रदान करते हैं और हमारी कोशिश रहती है कि हर ग्राहक को अच्छा अनुभव मिले. लेकिन पिछले कुछ दिनों में हम अपने वादे पर खरे नहीं उतर पाए और इसके लिए हम सभी से माफी चाहते हैं.
सीईओ ने यह भी कहा कि इंडिगो टीम हर संभव कोशिश कर रही है कि ग्राहकों को जल्दी से जल्दी और सुरक्षित सेवा मिल सके. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी समस्याओं को कम करने और समयबद्ध उड़ानों को सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइन सुधारात्मक कदम उठा रही है.
रिपोर्ट के अनुसार, उड़ानें रद्द होने की प्रमुख वजहें तकनीकी समस्याएं, मौसम से जुड़ी रुकावटें, ठंड के कारण बदला शेड्यूल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल पर बढ़ता दबाव और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नए नियम हैं. एयरलाइन का कहना है कि इन सब कारणों की वजह से संचालन सामान्य रखना मुश्किल हो गया. कई स्थानों पर फ्लाइट बिना पूर्व सूचना के रद्द करनी पड़ी, जिससे यात्रियों को अचानक परेशानी उठानी पड़ी.
सूत्रों के मुताबिक, उड़ान रद्द होने का सबसे बड़ा कारण चालक दल (कर्मचारियों) की कमी है. नए FDTL नियमों के लागू होने के बाद पायलटों और अन्य क्रू सदस्यों को अधिक आराम का समय देना जरूरी हो गया है. कहा जा रहा है कि इंडिगो लंबे समय से सीमित स्टाफ के साथ काम कर रही थी और नए नियमों के अनुसार अतिरिक्त क्रू की जरूरत थी, जिसे समय पर नहीं भरा जा सका. इस वजह से कई उड़ानें देर से पहुंची, देर से उड़ान भरी या रद्द करनी पड़ी.