नई दिल्ली: उत्तर भारत में पिछले कुछ दिनों से जारी कड़ाके की ठंड से परेशान लोगों के लिए अब कुछ राहत की खबर सामने आई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अपने ताजा पूर्वानुमान में संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा. इससे ठंड की तीव्रता में कमी आने की उम्मीद की जा रही है और लोगों को जमा देने वाली सर्दी से कुछ हद तक राहत मिल सकती है.
पिछले कई दिनों से उत्तर भारत के बड़े हिस्से में धूप ठीक से नहीं निकल पाई है. दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और आसपास के इलाकों में शीतलहर के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. सुबह और रात के समय ठंड सबसे ज्यादा परेशान कर रही है. सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है और खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे हालात में मौसम विभाग का यह अनुमान राहत देने वाला माना जा रहा है.
IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है. फिलहाल ठंड और ज्यादा बढ़ने वाली नहीं है. इसके बाद, करीब चार दिन बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है. इससे सुबह और रात की ठिठुरन कुछ कम होगी. मध्य भारत में भी अगले चार दिनों तक मौसम में खास बदलाव नहीं दिखेगा, लेकिन उसके बाद वहां तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है. महाराष्ट्र में भी अगले दो दिनों के भीतर तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी के आसार हैं.
हालांकि, तापमान बढ़ने की उम्मीद के बीच मौसम विभाग ने कुछ राज्यों के लिए अभी भी सतर्क रहने की सलाह दी है. बिहार में 12 से 16 जनवरी तक शीत दिवस जैसे हालात बने रह सकते हैं, जहां दिन के समय भी ठंड महसूस होगी. राजस्थान के कुछ इलाकों में 14 जनवरी तक शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की गई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 13 और 14 जनवरी को ठंड का असर ज्यादा रहने की संभावना है. झारखंड में भी 14 से 16 जनवरी के बीच कोल्ड वेव का प्रभाव देखने को मिल सकता है.
मौसम विभाग ने यह भी साफ किया है कि तापमान में बढ़ोतरी के बावजूद कोहरे से अभी तुरंत राहत नहीं मिलने वाली है. दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 17 जनवरी तक घना कोहरा छाया रह सकता है, जिससे दृश्यता कम बनी रहेगी. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 13 से 16 जनवरी तक सुबह और रात के समय कोहरे का असर ज्यादा रहेगा.
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय और त्रिपुरा में भी 14 जनवरी तक धुंध और कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है. कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि ठंड का सबसे कठिन दौर धीरे-धीरे खत्म होने की ओर है, लेकिन अभी कुछ दिन सतर्क रहने की जरूरत है. मौसम में सुधार के संकेत जरूर हैं, पर कोहरा और शीतलहर फिलहाल पूरी तरह विदा नहीं होंगे.