नई दिल्ली: अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक संबंध अब सिर्फ व्यापार या रक्षा तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वे भविष्य की उन्नत तकनीकों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. भले ही दोनों देशों के बीच टैरिफ और व्यापार को लेकर कुछ मतभेद बने हुए हो, लेकिन इसके बावजूद द्विपक्षीय साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है. इसी कड़ी में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने दिल्ली में अपने पहले संबोधन के दौरान एक अहम घोषणा की, जिसने भारत की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं को नया बल दिया है.
सर्जियो गोर ने ऐलान किया कि भारत को अमेरिका के नेतृत्व वाले रणनीतिक गठबंधन ‘पैक्स सिलिका’ में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा. यह पहल खासतौर पर सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी वैश्विक सप्लाई चेन को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई है. भारत के लिए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि देश खुद को वैश्विक सप्लाई चेन में चीन के एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है.
अपने संबोधन की शुरुआत सर्जियो गोर ने 'गुड मॉर्निंग मिशन इंडिया' और 'नमस्ते' के साथ की. उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र अमेरिका और सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के बीच आकर बोलना उनके लिए गर्व की बात है. उन्होंने भारत-अमेरिका रिश्तों को साझा मूल्यों, लोकतंत्र और आपसी भरोसे पर आधारित बताया.
राजदूत गोर ने जानकारी दी कि ‘पैक्स सिलिका’ एक नई अमेरिकी पहल है, जिसकी शुरुआत पिछले महीने ही की गई है. इस गठबंधन का उद्देश्य जरूरी खनिजों, ऊर्जा संसाधनों, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, AI, रिसर्च और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी एक सुरक्षित और भरोसेमंद सप्लाई चेन तैयार करना है. उन्होंने बताया कि पहले चरण में जापान, दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम और इजरायल जैसे देश इसमें शामिल हुए हैं और अब भारत को भी अगले महीने पूर्ण सदस्य बनने का निमंत्रण दिया जाएगा.
'पैक्स सिलिका' नाम ऐतिहासिक शब्दों 'पैक्स रोमाना' और 'पैक्स सिनिका' से प्रेरित है. यहां 'सिलिका' का मतलब सिलिकॉन से है, जो आधुनिक तकनीक और सेमीकंडक्टर चिप्स का आधार है. इस पहल का मुख्य मकसद तकनीक के क्षेत्र में कुछ देशों के बढ़ते दबदबे को संतुलित करना और समान सोच रखने वाले देशों के साथ मिलकर सुरक्षित तकनीकी भविष्य तैयार करना है.
राजदूत गोर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिश्तों पर भी विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच दोस्ती औपचारिक नहीं, बल्कि सच्ची और मजबूत है. गोर ने बताया कि उन्होंने खुद राष्ट्रपति ट्रंप को पीएम मोदी के साथ अपनी पुरानी मुलाकातों और आपसी संबंधों को याद करते हुए देखा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति ट्रंप अगले एक-दो वर्षों में भारत की यात्रा कर सकते हैं.