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India Daily

परिवार से दूर सेना के जवानों ने बॉर्डर पर मनाई दिवाली, कंटीले बाड़ों में जलाए दिए और बांटीं मिठाइयां, देखें वीडियो

Indian Army Celebrates Diwali: दिवाली के उत्सव को जवानों ने पूरी सादगी और अनुशासन के साथ मनाया. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने उत्साह में कोई कमी नहीं आने दी.

Kanhaiya Kumar Jha
परिवार से दूर सेना के जवानों ने बॉर्डर पर मनाई दिवाली, कंटीले बाड़ों में जलाए दिए और बांटीं मिठाइयां, देखें वीडियो
Courtesy: X

Indian Army Celebrates Diwali: जब पूरा देश रोशनी के पर्व दिवाली की जगमगाहट में डूबा हुआ है, तब भारतीय सेना के जांबाज जवान सीमा पर अपनी ड्यूटी निभाते हुए भी इस त्यौहार को पूरे उत्साह और गर्व के साथ मना रहे हैं. जम्मू और कश्मीर के अखनूर सेक्टर में लाइन ऑफ कंट्रोल पर तैनाती के दौरान जवानों ने देश की सुरक्षा के बीच भाईचारे और देशभक्ति के जज़्बे के साथ दिवाली मनाया.

सीमा पर तैनात जवानों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाई, पटाखे जलाकर आसमान को रोशन किया और दीयों की रोशनी में देशभक्ति का उजाला बिखेरा. उनके चेहरे पर त्योहार की खुशी तो थी ही, लेकिन राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना और भी प्रबल नजर आ रही थी. इन सैनिकों ने अपने परिवारों से दूर रहकर भी यह सन्देश दिया कि उनके लिए देश पहले है और बाकी सब बाद में.

'हमारे लिए देश परिवार से पहले आता है'

भारतीय सेना के एक जवान ने कहा कि एक सैनिक के लिए उसका कर्तव्य उसकी पहली प्राथमिकता होती है. हमारे लिए देश परिवार से पहले आता है. हमने अपने परिवार के सदस्यों से बात की. हम यहां सीमा पर दिवाली मना रहे हैं. मुझे यह वर्दी पहनकर गर्व महसूस हो रहा है. हमारी वर्दी सिर्फ वर्दी नहीं है, इसके साथ बहुत सारी जिम्मेदारियां भी जुड़ी हैं.

पूरी सादगी और अनुशासन के साथ मनाया पर्व

दिवाली के उत्सव को जवानों ने पूरी सादगी और अनुशासन के साथ मनाया. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने उत्साह में कोई कमी नहीं आने दी. इस मौके पर सेना ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ भी मिठाइयों का आदान-प्रदान किया, जिससे एकता और सद्भावना का संदेश पूरे क्षेत्र में फैला.

सीमा पर दिवाली मनाना सिर्फ एक त्यौहार मनाना नहीं, बल्कि एक प्रतीक है उस अटूट समर्पण और बलिदान का, जो हमारे सैनिक हर दिन देश की सुरक्षा के लिए करते हैं. जब पूरा देश परिवार के साथ दीये जला रहा होता है, तब यही सैनिक अपनी जिम्मेदारियों की चौकी पर डटे रहते हैं.