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India Daily

IEC General Meeting 2025: चौथी बार IEC की मेजबानी करेगा भारत, इलेक्ट्रिक भविष्य की दिशा तय करने नई दिल्ली में जुटेंगे दुनिया ये दिग्गज

भारत 15 से 19 सितंबर 2025 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में IEC की 89वीं जनरल मीटिंग की मेजबानी करेगा. 100 से अधिक देशों से 2,000 से ज्यादा विशेषज्ञ इसमें शामिल होंगे. यह चौथी बार है जब भारत इस आयोजन की मेजबानी कर रहा है. सम्मेलन में वैश्विक इलेक्ट्रोटेक्निकल मानकों पर चर्चा होगी, जो सतत और कनेक्टेड भविष्य की दिशा तय करेंगे.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
IEC General Meeting 2025: चौथी बार IEC की मेजबानी करेगा भारत, इलेक्ट्रिक भविष्य की दिशा तय करने नई दिल्ली में जुटेंगे दुनिया ये दिग्गज
Courtesy: Social Media

IEC General Meeting 2025: भारत एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी मेजबानी करने जा रहा है. ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स यानी BIS ने घोषणा की है कि भारत 15 से 19 सितंबर 2025 तक इंटरनेशनल इलेक्ट्रोटेक्निकल कमीशन यानी IEC की 89वीं जनरल मीटिंग (GM) की मेजबानी करेगा. यह बैठक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगी. इस वैश्विक कार्यक्रम में 100 से अधिक देशों से 2,000 से ज्यादा विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो अंतरराष्ट्रीय इलेक्ट्रोटेक्निकल मानकों पर चर्चा करेंगे.

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार, यह सम्मेलन भविष्य के लिए टिकाऊ, पूर्णतः विद्युत-चालित और कनेक्टेड दुनिया को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. इसमें ऊर्जा, विद्युत उपकरणों, संचार प्रौद्योगिकी और डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़े मानकों पर मंथन किया जाएगा. IEC की यह जनरल मीटिंग विश्व स्तर पर तकनीकी मानकों के निर्माण और विकास के लिए बेहद अहम मानी जाती है.

वैश्विक मंच पर भारत की तकनीकी को मान्यता 

भारत इससे पहले भी तीन बार इस प्रतिष्ठित सम्मेलन की मेजबानी कर चुका है. पहली बार 1960 में, फिर 1997 और इसके बाद 2013 में IEC जनरल मीटिंग भारत में आयोजित हुई थी. अब चौथी बार भारत इस आयोजन की मेजबानी करेगा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वैश्विक मंच पर भारत की तकनीकी और औद्योगिक क्षमता को मान्यता मिल रही है.

ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से बदलाव 

IEC की जनरल मीटिंग में विशेषज्ञ विद्युत प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में मानकों पर विचार करेंगे. इन मानकों का सीधा असर वैश्विक व्यापार, सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर पड़ता है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से बदलाव होंगे और इस दिशा में तय किए जाने वाले मानक वैश्विक स्तर पर नई दिशा प्रदान करेंगे.

देश में बढ़ती तकनीकी

भारत मंडपम में होने वाला यह आयोजन न केवल तकनीकी विशेषज्ञों को एक साझा मंच देगा, बल्कि देश की बढ़ती तकनीकी ताकत को भी प्रदर्शित करेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में भारत ने हाल के वर्षों में डिजिटल कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े कदम उठाए हैं. ऐसे में यह सम्मेलन भारत की इन पहलों को और मजबूत बनाने का अवसर देगा.