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India Daily

40,000 मीट्रिक टन LPG लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से रवाना हुआ शिवालिक, भारत में खत्म होगा गैस का संकट

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ईरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने का भरोसा दिया है. 40 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर एक भारतीय जहाज होरमुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर बढ़ रहा है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
40,000 मीट्रिक टन LPG लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से रवाना हुआ शिवालिक, भारत में खत्म होगा गैस का संकट
Courtesy: X

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. ईरान ने भारतीय जहाजों को होरमुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है. इसी के तहत एलपीजी से भरा एक बड़ा जहाज हाल ही में इस अहम समुद्री रास्ते को पार कर भारत की ओर रवाना हुआ है. अधिकारियों के अनुसार जहाज करीब सात दिनों में भारतीय तट तक पहुंच सकता है. दोनों देशों के बीच हुई कई दौर की बातचीत के बाद यह व्यवस्था संभव हो सकी है.

एलपीजी लेकर भारत की ओर बढ़ा जहाज

सूत्रों के अनुसार “शिवालिक” नाम का जहाज लगभग 40 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह से रवाना हुआ है. यह जहाज हाल ही में होरमुज जलडमरूमध्य को पार कर चुका है और अब भारत की ओर बढ़ रहा है. अनुमान है कि यह करीब एक सप्ताह के भीतर भारतीय तट तक पहुंच जाएगा. इसके अलावा एक और जहाज भी जल्द इसी मार्ग से निकलकर भारत आने की तैयारी में बताया जा रहा है.

नौसेना की निगरानी में यात्रा

क्षेत्र में बढ़े तनाव को देखते हुए जहाज की सुरक्षा को विशेष महत्व दिया गया है. जानकारी के अनुसार भारतीय नौसेना इस जहाज की यात्रा पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा सहायता भी दे रही है. हाल के दिनों में क्षेत्र में कई सैन्य घटनाएं हुई हैं, जिसके कारण समुद्री रास्तों पर जोखिम बढ़ गया है. ऐसे में ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जहाजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है.

होर्मुज जलडमरूमध्य का वैश्विक महत्व

होरमुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में गिना जाता है. खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाला बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचता है. यदि यह रास्ता बंद हो जाए तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ सकता है और तेल तथा गैस की कीमतों में तेजी आ सकती है. इसलिए दुनिया के कई देश इस क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं.

भारत-ईरान संबंधों का असर

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और ईरान के बीच संवाद कायम रहने से यह व्यवस्था संभव हो पाई है. दोनों देशों के नेताओं के बीच हाल में हुई बातचीत के बाद जहाजों के सुरक्षित आवागमन को लेकर भरोसा बना है. ईरान की ओर से यह भी कहा गया है कि उसका इरादा जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद करने का नहीं है. भारत के लिए यह रास्ता ऊर्जा आपूर्ति की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.