'पूरी तरह बेबुनियाद और फर्जी', भारत ने अमेरिकी सेना के पूर्व कर्नल के भारतीय बंदरगाहों से ईरान पर हमले के दावे को किया खारिज
भारत ने अमेरिकी सेना के पूर्व कर्नल डगलस मैकग्रेगर के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी नौसेना ईरान पर हमलों के लिए भारतीय बंदरगाहों का इस्तेमाल कर रही है. विदेश मंत्रालय ने इसे बेबुनियाद और फर्जी बताया है. ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध छठे दिन में प्रवेश कर गया है.
नई दिल्ली: ईरान के साथ अमेरिका और इजराइल का युद्ध अब छठे दिन में है और कोई भी पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा. 28 फरवरी को शुरू हुए हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई. ईरान ने जवाब में इजराइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं.
इस बीच अमेरिकी सेना के पूर्व कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि अमेरिकी नौसेना भारतीय बंदरगाहों से ईरान पर हमले कर रही है. भारत ने इस दावे को सिरे से नकार दिया और इसे फर्जी करार दिया. युद्ध से तेल-गैस आपूर्ति बाधित हुई है और लाखों यात्री फंसे हुए हैं.
भारत का सख्त खंडन
विदेश मंत्रालय के फैक्ट चेक यूनिट ने वन अमेरिका न्यूज नेटवर्क पर मैकग्रेगर के बयान को 'फेक और फॉल्स' बताया. एक्स पर पोस्ट में कहा गया कि भारत इस संघर्ष में किसी भी पक्ष का समर्थन नहीं कर रहा और ऐसे बेबुनियाद दावे फैलाने से बचना चाहिए. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारतीय बंदरगाहों या नौसैनिक ठिकानों का किसी विदेशी हमले के लिए इस्तेमाल नहीं हो रहा.
मैकग्रेगर का विवादास्पद दावा
पूर्व अमेरिकी सेना कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने इंटरव्यू में कहा कि अमेरिकी नौसैनिक अड्डे और बंदरगाह नष्ट हो चुके हैं. इसलिए अमेरिकी नौसेना भारतीय बंदरगाहों पर निर्भर हो गई है. उन्होंने इसे 'आदर्श से कम' बताया. यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और कई जगहों पर भारत की भूमिका पर सवाल उठने लगे.
युद्ध का 6वां दिन
युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान के नेतृत्व, मिसाइल भंडार और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया. ईरान ने जवाबी हमले किए. अब तक ईरान में 1,000 से ज्यादा, लेबनान में 70 से अधिक और इजराइल में करीब दर्जन भर मौतें हुई हैं. ईरान ने बहरीन, कुवैत और इजराइल पर हमले किए. तुर्की ने कहा कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल उसके हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले नाटो ने रोक ली.
ट्रंप की तारीफ और वैश्विक प्रभाव
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अमेरिकी सेना की जमकर तारीफ की और कहा कि युद्ध में अच्छा प्रदर्शन हो रहा है. अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन ने युद्ध रोकने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया. युद्ध से वैश्विक तेल-गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है, जहाजरानी बाधित है और मध्य पूर्व में लाखों यात्री फंसे हुए हैं.
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