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India Daily

'INDIA' ब्लॉक के हुए दो टुकड़े, TMC समेत इन पार्टियों ने दिया 'AAP' को समर्थन; अकेली रह गई कांग्रेस

दिल्ली विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन दो हिस्सों में बंटी नजर आ रही है. टीएमसी और सपा जैसी बड़ी पार्टियों द्वारा आप को समर्थन मिलने से देश की सबसे पुरानी पार्टी और इंडिया गठबंधन को लीड कर रही कांग्रेस पार्टी अकेले रह गई है.

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Edited By: Shanu Sharma
'INDIA' ब्लॉक के हुए दो टुकड़े, TMC समेत इन पार्टियों ने दिया 'AAP' को समर्थन; अकेली रह गई कांग्रेस
Courtesy: Social Media

Delhi Assembly Elections: दिल्ली में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. राष्ट्रीय राजधानी में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला होना है. एक ओर सत्तारुढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) , दूसरी तरफ कांटे की टक्कर दे रही भारतीय जनता पार्टी (BJP) मैदान में खड़ी है. हालांकि तीसरी तरफ मैदान में ग्रैंड ओल्ड पार्टी कांग्रेस मौजूद है. हालांकि इस चुनाव में ओल्डेस्ट पार्टी की दावेदारी कमजोर नजर आ रही है. इस बात को खुद इंडिया गठबंधन के नेताओं ने भी मानना शुरू कर दिया है. 

लोकसभा चुनाव 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक साथ मिलकर लड़ने वाली गठबंधन अब टुकड़ों में नजर आ रही है. दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों एक दूसरे के खिलाफ मैदान में खड़ी है. इसी बीच इंडिया गठंबधन में शामिल अन्य पार्टियों ने दिल्ली चुनाव में आप का पलड़ा भारी बताया है. ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने उम्मीद जताई है कि दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत हो सकती है.

आप की जीत मतलब कांग्रेस की हार

मीडिया से बात करते हुए टीएमसी नेता कुणाल घोष ने दिल्ली चुनाव को लेकर कहा कि हम उम्मीद कर रहें हैं कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार फिर से आए और भाजपा पराजित हो. उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोग बीजेपी को हराएंगे. टीएमसी द्वारा आप को समर्थन किए जाने के बाद एक नया सवाल उठने लगा है. सवाल ये है कि अगर टीएमसी दिल्ली में आप को जीताना चाहती है तो कांग्रेस की हार भी मानती है. इंडिया गठबंधन में भी कई तरह की बातें उठती रहती है. इस समय विपक्षी गठबंधन कांग्रेस द्वारा लीड की जा रही है. लेकिन आप, राजद समेत कई पार्टियों ने टीएमसी को नेतृत्व देने की इच्छा जाहिर की है. सहयोगी दलों द्वारा लगातार भरोसा ना जताने पर कांग्रेस पार्टी थोड़ी असहज है.

दुश्मन बने दोस्त 

लोकसभा चुनाव में एक दूसरे के साथ-साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाली पार्टियां अब चुनावी मैदान में एक दूसरे के खिलाफ कोई भी हथियार फेंकने से पीछे नहीं हट रही है. इस बार कांग्रेस की ओर से नई दिल्ली सीट पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित को टिकट मिला है. संदीप दीक्षित का सीधा मुकाबला दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से होने वाला है. वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के सामने कांग्रेस पार्टी ने अलका लांबा को मैदान में उतारा है. चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ कई बयान दिए हैं. कांग्रेस प्रवक्ता और नेताओं ने यमुना की सफाई, वायु प्रदूषण, सड़क, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा के मुद्दे पर हमला बोला है. इतना ही नहीं कांग्रेस द्वारा शराब घोटाला और सीएम हाउस जैसे मुद्दे पर भी हमला बोला गया है. 

आप और सपा फ्रेंड्स फॉर एवर

दिल्ली में चुनाव की घोषणा कर दी गई है. चुनाव आयुक्त ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बताया कि दिल्ली में एक ही चरण में चुनाव होना है. मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 5 फरवरी को दिल्ली में चुनाव होना है. जिसके नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे. कांग्रेस पार्टी की ओर से सत्ता वापसी का दावा किया जा रहा है. वहीं दूसरी तरह आम आदमी पार्टी एक बार फिर से जीत का दावा ठोक रही है. दिल्ली चुनाव में इंडिया गठबंधन का झुकाव आप की ओर नजर आ रहा है. टीएमसी के अलावा समाजवादी पार्टी ने भी केजरीवाल के समर्थन की बात कही है. सपा अध्यक्ष ने केजरीवाल को ‘फ्रेंड्स फॉर एवर’ बताया है.