share--v1

INDIA गठबंधन को जल्द लगेगा छठा झटका? अब जयंत भी जाएंगे, जानें NDA से क्या मिला ऑफर

समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के बीच साल 2018 में कैराना लोकसभा सीट पर उपचुनाव के दौरान गठबंधन हुआ था. फिलहाल दोनों ही पार्टियां INDIA गठबंधन का हिस्सा थीं.

auth-image
Naresh Chaudhary
फॉलो करें:

INDIA Alliance: लोकसभा चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए बने विपक्षी INDIA गठबंधन के लिए एक और बुरी खबर है. बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, झारखंड और यूपी में INDIA गठबंधन को बड़े झटके लग रहे हैं. पांच राज्यों में भाजपा ने ऐसी गोटिया सेट की हैं कि विपक्षियों का गठबंधन बिखरता नजर आ रहा है. अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रभाव रखने वाली राष्ट्रीय लोकदल पार्टी भी भाजपा के साथ जाती नजर आ रही है. माना जा रहा है कि पिछले 11 दिनों में INDIA गठबंधन को ये छठवां बड़ा आघात है. 

सूत्रों के मुताबिक, INDIA गठबंधन को झटका देते हुए राष्ट्रीय लोक दल (RLD) आगामी लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ जाने की तैयार में है. रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने हाल ही में भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की है. इस मुलाकात में भाजपा की ओर से जयंत को पश्चिमी यूपी में कम से कम चार सीटों की पेशकश की है. माना जा रहा है कि आरएलडी और समाजवादी पार्टी (एसपी) का गठबंधन भी टूटने वाला है, क्योंकि दोनों पार्टियों में सीट शेयरिंग को लेकर तनातनी चल रही है.

रालोद-सपा गठबंधन खतरे में!

सूत्रों और कई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल में सीटों को लेकर तनातनी चल रही है. समाजवादी पार्टी ने कैराना, मुजफ्फरनगर और बिजनौर में अपने उम्मीदवारों को आरएलडी के चुनाव चिह्नन पर चुनाव लड़ाने की शर्त रखी है. इसमें रालोद कैराना और बिजनौर सीट के लिए तैयार हो गई है, लेकिन मुजफ्फरनगर सीट पर मामला अटक गया है. सपा मुजफ्फरनगर सीट से हरेंद्र मलिक को उतारना चाहती है, लेकिन रालोद का कहना है कि ये चौधरी परिवार की कोर सीट है. इसलिए वे इसे नहीं छोड़ सकते हैं. इसी बात को लेकर दोनों पार्टियों में बगावत चल रही है. 

पिछले चुनाव में रालोद के चौधरी अजित सिंह इस सीट पर भाजपा के डॉ. संजीव बलियान से सिर्फ 6,500 वोटों के मामूली अंतर से हारे थे. इसके अलावा आरएलडी के पास वर्तमान में मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र की पांच विधानसभा सीटों में से बुढ़ाना और खतौली पर कब्जा है. 

INDIA गठबंधन को ऐले लगे झटके

1. पश्चिम बंगाल की सीएम और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने INDIA गठबंधन से अलग होकर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया. बंगाल की लोकसभा की 42 सीटें हैं.

2. INDIA गठबंधन के अहम हिस्सा माने जा रहे नीतीश कुमार ने बड़ा झटका दिया. नीतीश की पार्टी आरजेडी ने एनडीए का दामन थाम लिया. बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं.

3. झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार को बड़ा झटका लगा. जेएमएम चीफ और पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की कथित भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तारी के बाद लोकसभा चुनाव में बड़ा असर पड़ने की आशंका है. यहां लोकसभा की 14 सीटें हैं.

4. चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में शरद पवार को बड़ा झटका दिया है. आयोग ने अजित गुट वाली एनसीपी को असली बताया है. इसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है. यहां लोकसभा की 48 सीटें हैं. 

5. आम आदमी पार्टी ने पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. इससे कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन को झटका लगा है. पंजाब में लोकसभा की 13 सीटें हैं.

6. उत्तर प्रदेश में INDIA गठबंधन के सहयोगा सपा और रालोद में भी दरार पड़ गई है. सपा से अलग होकर रालोद भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए में शामिल हो रही है. यूपी में लोकसभा की 80 सीटें हैं. 

कब से शुरू हुआ था सपा-रालोद का गठबंधन

समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल का गठबंधन साल 2018 में लोकसभा उपचुनाव के दौरान हुआ था. उस वक्त सपा की तबस्सुम हसन रालोद के चुनाव चिह्न पर कैराना लोकसभा उपचुनाव में खड़ी हुई थीं और बड़ी जीत हासिल की थी. इसके बाद दोनों पार्टियों ने 2019 लोकसभा चुनाव भी गठबंधन में लड़ा. रिपोर्ट्स के अनुसार, सपा ने रालोद को 3 सीटें दी थी, लेकिन पार्टी तीनों सीटों को हार गई थी. उधर समाजवादी पार्टी पांच सीटों पर जीती थी. इसके बाद 2022 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भी दोनों ने साथ में लड़ा. इसमें सपा ने रालोद को 33 सीटें सौंपी थी, लेकिन रालोद 9 पर ही जीत पाई थी. 

Also Read

First Published : 07 February 2024, 07:12 AM IST