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IIT कैम्पस से ISIS के टेरर कैम्प तक, जानें कैसे जाल में फंसा होनहार स्टूडेंट

IIT Guwahati Student ISIS Journey: पुलिस द्वारा छानबीन किए जाने पर फारुकी के बारे में कुछ अंजाने तथ्य सामने आए हैं. फारुकी के बैचमेट बताया कि वह एक पढ़ने लिखने वाला एवरेज स्टूडेंट था जो लोगों से कम मिलता जुलता था. 

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Shubhank Agnihotri

IIT Guwahati Student ISIS Journey: तौसीफ अली फारुखी आईआईटी गुवाहटी का होनहार स्टूडेंट जिसे बीते दिनों असम पुलिस ने UAPA एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया. दरअसल तौसीफ ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में मुस्लिम आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ( ISIS) में शामिल होने की इच्छा जाहिर की थी. युवक ने इस्लामिक स्टेट को कथित तौर पर एक ईमेल भी भेजा था जिसमें इस्लामिक स्टेट के नेतृत्व के प्रति निष्ठा व्यक्त करने के लिए खुरासान की यात्रा करने का आग्रह किया गया था.ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि कैसे एक आईआईटी का बेहतरीन स्टूडेंट जिसके पास तरक्की और शानदार जीवन के तमाम मौके थे उसने उन्हें छोड़ कट्टर इस्लामी आतंकी संगठन  ( IS) के साथ जाने का फैसला किया. 

दिल्ली के जाकिर नगर का रहने वाला तौसीफ फिलहाल  गुवाहटी  पुलिस स्टेशन में स्पेशल टास्क फोर्स की हिरासत में है. शनिवार शाम को हिरासत में लिए जाने के बाद उसे 10 दिनों की रिमांड पर लिया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, आईआईटी बायोटेक्नोलॉजी के चौथे वर्ष का छात्र जो जल्द ही डिग्री हासिल करने वाला था उसके द्वारा इस्लामिक स्टेट के प्रति निष्ठा जताना बेहद हैरान करने वाला फैसला है. पुलिस द्वारा छानबीन किए जाने पर फारुकी के बारे में कुछ अंजाने तथ्य सामने आए हैं. फारुकी के बैचमेट बताया कि यह एक पढ़ने लिखने वाला एवरेज स्टूडेंट था जो लोगों से कम मिलता जुलता था. 

पुलिस छानबीन में पता चला कि फारुकी लंबे समय से अकेला ही रह रहा था. फारुकी के हॉस्टल के चौथे वर्ष के एक छात्र ने बताया कि बी.टेक के तीसरे और चौथे वर्ष के स्टूडेंट को उनके व्यक्तिगत छात्रावास में कमरे दिए जाते हैं. इसलिए फारूकी पिछले दो सालों से बिना किसी रूममेट के रह रहा था. 

कॉलेज प्रशासन के एक सदस्य ने बताया कि फारुकी एक अच्छा लड़का था जो एक महीने बाद अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी करने वाला था. इस घटनाक्रम से पूरा कॉलेज प्रशासन हैरान है. फाइनल एग्जाम जो अप्रैल माह में होने वाले थे उसकी पूरी तैयारी कर ली गई थी. ताजा घटनाक्रम बेहद चिंतित करने वाला है. हमें अभी तक उसके बारे में कम ही जानकारी मिली है और हम यह तक नहीं समझ पाए हैं कि दरअसल पूरा मामला क्या है और इसकी कैसे शुरुआत हुई है. हम इस मामले में और स्पष्टता की प्रशासन से उम्मीद करते हैं. 

फारूकी की गिरफ्तारी के बाद उसकी फैमिली गुवाहटी के लिए निकल चुकी है. दिल्ली के जाकिर नगर में रहने वाली उसकी आंटी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उसकी गिरफ्तारी की खबर हमें जब से मिली है तब से सब परेशान हैं. वह हमेशा से ही अच्छा स्टूडेंट रहा है, अल्लाह जानें उसने ऐसा कदम क्यों उठाया. अपने एग्जाम और पढ़ाई के लिए वह अक्सर फैमिली फंक्शन को भी मिस कर देता था ताकि उसकी पढ़ाई पर कोई प्रभाव न पड़े. आंटी के मुताबिक फारुकी और उसका बड़ा भाई हमारे परिवार का सम्मान हैं. फारुकी के बारे में उन्होंने बताया कि वह जब भी असम से आता था तब हम सब से मिलता था. हमें उसकी विनम्रता या व्यवहार में कोई कमी नहीं दिखी. 

शुक्रवार को फारुकी के माता पिता गुवाहटी के स्पेशल टास्क पुलिस फोर्स स्टेशन पहुंचे. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि वह साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आते हैं. हालांकि उनके माता-पिता अब अलग हो चुके हैं. पुलिस अधिकारी ने कहा कि फारुकी ही नहीं बल्कि उसका बड़ा भाई भी कानपुर आईआईटी ग्रेजुएट है और एक स्टार्टअप रन करते हैं. पुलिस के मुताबिक, तौसीफ बेहद बुद्धिमान लड़का है. हम अभी तक यह नहीं जान पाए हैं कि क्यों उसने इस्लामिक स्टेट में शामिल होने या उसके प्रति समर्थन जताने की इच्छा जाहिर की है. 

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कल्याण कुमार पाठक ने फारुकी को एक लोनर शख्स करार दिया. उन्होंने कहा कि उसके बारे में जितनी भी जानकारी हमारे पास है उस आधार पर यह कहा जा सकता है कि वह एक लोनर स्टूडेंट था जो सिर्फ क्लास और पढ़ाई तक ही सीमित था. उसका फ्रेंड सर्किल भी बेहद सीमित था. जांच दल में शामिल एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि उसकी बातों से ऐसा लगता है कि आईआईटी में दाखिला लेने से पहले ही वह इस्लामिक विचारों का अध्ययन करने और उनसे जुड़ने में रुचि रखता था जो बीते कुछ समय से ज्यादा तेज हो गई खासतौर से पिछले तीन या चार महीनों में.

 पुलिस ने कहा कि फारुकी ने इस्लामिक आतंकी संगठन की बैठकों और कॉन्फ्रेंसों में उसने डार्क बेब के माध्यम से सहभागिता की. पुलिस ने बताया कि उसके हॉस्टल के कमरे से जो चीजें मिली उनमें एक काला झंडा भी शामिल है. फारूकी को पुलिस ने आईआईटी-गुवाहाटी परिसर से लगभग 20 किलोमीटर दूर हाजो से शनिवार को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने फारुकी पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है. 

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