सुरक्षा एजेंसी लगातार देश की सुरक्षा में खड़े हैं. एक ओर जहां दिल्ली के लाल-किले को और चांदनी चौक के एक मंदिर को उड़ाने की प्लानिंग की जा रही थी, वहीं दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर में आज धमाका होने वाला था. जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में सड़क किनारे एक आईईडी बरामद होने के बाद बड़ा हादसा टल गया.
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) संगठन प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को निशाना बनाने की साजिश रच रहा है. हालांकि सुरक्षा में तैनात एजेंसियां भी अभी हाई अलर्ट मोड पर है.
जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले के सफापोरा इलाके में गुलाब शेख मोहल्ला में आज यानी शनिवार को सड़क किनारे एक बैग में रखा मिला. सुरक्षा बलों को इसके बारे में सूचना मिली, जिसके बाद टीम बम निरोधक दस्ते के साथ पहुंचकर इसे सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया. कोई हताहत नहीं हुआ और इलाके को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी गई है. यह घटना एक दिन पहले बारामूला जिले के जांबाजपोरा में आईईडी मिलने के बाद हुई है, जहां सेना ने इसे बड़ी सावधानी से नष्ट किया था. सेना का कहना है कि ये आतंकियों की साजिश का हिस्सा हैं, जिनका मकसद सुरक्षाबलों और आम नागरिकों पर हमला करना था.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में खुफिया इनपुट्स के आधार पर शनिवार को लाल किला के आसपास और चांदनी चौक के कुछ हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई. केंद्रीय एजेंसियों ने सूचना दी कि लश्कर-ए-तैयबा ने प्रमुख धार्मिक स्थलों को अपने निशाने पर रखा है. विशेष रूप से चांदनी चौक स्थित एक मंदिर को आईईडी हमले का संभावित लक्ष्य बताया जा रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, यह साजिश 6 फरवरी 2026 को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक मस्जिद में हुए विस्फोट का बदला बताया जा रहा है. लश्कर-ए-तैयबा देश में आईईडी आधारित हमलों की कोशिश कर सकता है. हालांकि नवंबर में भी लाल किले के पास एक धमाका हुआ था, जिसमें 9 लोगों की जान चली गई थी. वहीं एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए थे. सूचनाओं के आधार पर सावधानी और भी ज्यादा बढ़ा दी गई है.