जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव का ऐलान हो गया है. चुनाव के ऐलान के बाद पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला ने कहा है कि वह विधानसभा चुनाव लड़ेंगे लेकिन उमर अब्दुल्ला चुनाव नहीं लड़ेंगे. फारुख अब्दुल्ला ने बताया है कि एक समय ऐसा भी आएगा जब वह इस्तीफा दे देंगे. फारुख अब्दुल्ला ने मांग की है कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए. बता दें कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा के चुनाव तीन चरण में होंगे और चुनाव के नतीजे 1 अक्तूबर को आएंगे. उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की है कि सभी को समान मौके दिए जाएं.
पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने के सवाल पर फारुख अब्दुल्ला ने कहा, 'हम लोग चाहते हैं कि स्टेटहुड आए. न सिर्फ एनसी बल्कि जितनी पार्टी यहां हैं वे सब मांग करती हैं कि यह होना चाहिए. भारत सरकार का वादा है कि स्टेटहुड होगा और पूरा स्टेटहुड होगा.' बता दें कि 2019 में संविधान का अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के साथ ही जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था. हालांकि, इस बारे में पीएम मोदी ने भी कहा है कि समय आने पर जम्मू-कश्मीर को फिर से पूर्ण राज्य बनाया जाएगा.
चुनाव लड़ने के सवाल पर फारुख अब्दुल्ला ने कहा, 'अब पता लगेगा कि कौन तैयार था और कौन तैयार नहीं था. इसमें क्या आपको कोई शक है? वो (उमर अब्दुल्ला) चुनाव नहीं लड़ेंगे, मैं चुनाव लड़ूंगा. मैं लड़ूंगा और जब स्टेटहुड रीस्टोर होगा तो मैं सीट छोड़ दूंगा और उसी सीट से उमर लड़ेंगे. अलायंस होगा कि नहीं होगा, इसका फैसला पार्टी को करना है इसीलिए मैं वापस जा रहा हूं. पार्टी की मीटिंग होनी है.' चर्चाएं हैं कि कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस मिलकर चुनाव लड़ सकती हैं.
#WATCH | Jammu: On the announcement of the Jammu and Kashmir assembly elections, National Conference President Farooq Abdullah says, "I will contest these elections, Omar Abdullah will not contest the elections. When the state status is granted then I will step down and Omar… pic.twitter.com/ixEucHUn6Z
— ANI (@ANI) August 16, 2024
विधानसभा चुनावों के ऐलान के बाद फारुख अब्दुल्ला ने कहा, 'मैं चुनाव आयोग से सिर्फ उम्मीद करूंगा कि लेवल प्लेइंग फील्ड सबको दें. रातोंरात इन लोगों ने अफसरों का ट्रांसफर किया है, इसका मतलब है कि इन लोगों को पहले से मालूम था. मैं चाहता हूं कि चुनाव आयोग इसको भी देखे.'
इससे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'हम चुनाव आयोग को एक चिट्ठी भेज रहे हैं. पिछले 24 घंटे में जो बेशुमार ट्रांसफर हुए, चुनाव आयोग उनका जायजा ले. हमें तो शक है कि दिल्ली की सरकार पर जिसे कब्जा है, जो बीजेपी है उसी को मदद करने के लिए ये ट्रांसफर कराए गए हैं. चुनाव आयोग को चाहिए कि वह नोटिस जारी करके इसकी जांच कराए और जो गाइडलाइन्स के बाहर हों उनके ट्रांसफर रोक दिए जाएं. साथ ही, जिनकी सुरक्षा कम की गई है, उनकी सुरक्षा को लेकर भी चुनाव आयोग को ध्यान देना चाहिए.'
#WATCH | On Assembly poll in J&K to be held on Sept 18, 25 & October 1; Counting of votes on Oct 4, National Conference leader Omar Abdullah says, "We are writing to the Election Commission of India that they should investigate the transfers that happened in J&K in the last 24… pic.twitter.com/Q4ZhEmMTdK
— ANI (@ANI) August 16, 2024
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं लेकिन उनकी पार्टी के लोगों ने दबाव बनाया हुआ है. बता दें कि जम्मू कश्मीर में विधानसभा के चुनाव तीन चरण में 18 और 25 सितंबर के अलावा 1 अक्तूबर को भी होंगे. चुनाव के नतीजे 4 अक्तूबर को आएंगे.