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'मैं चुनाव लड़ूंगा, फिर इस्तीफा दे दूंगा...', विधानसभा चुनाव के ऐलान पर ऐसा क्यों बोले फारुख अब्दुल्ला?

Farooq Abudullah: जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारुख अब्दुल्ला ने ऐलान किया है कि वह इस बार विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे लेकिन उमर अब्दुल्ला इस चुनाव में नहीं उतरेंगे. उमर अब्दुल्ला ने इससे पहले 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा था लेकिन वह जीत नहीं पाए थे. उमर अब्दुल्ला का भी कहना है कि वह विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं लेकिन पार्टी की ओर से उन पर बहुत दबाव है.

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'मैं चुनाव लड़ूंगा, फिर इस्तीफा दे दूंगा...', विधानसभा चुनाव के ऐलान पर ऐसा क्यों बोले फारुख अब्दुल्ला?
Courtesy: Social Media

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव का ऐलान हो गया है. चुनाव के ऐलान के बाद पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला ने कहा है कि वह विधानसभा चुनाव लड़ेंगे लेकिन उमर अब्दुल्ला चुनाव नहीं लड़ेंगे. फारुख अब्दुल्ला ने बताया है कि एक समय ऐसा भी आएगा जब वह इस्तीफा दे देंगे. फारुख अब्दुल्ला ने मांग की है कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए. बता दें कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा के चुनाव तीन चरण में होंगे और चुनाव के नतीजे 1 अक्तूबर को आएंगे. उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की है कि सभी को समान मौके दिए जाएं.

पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने के सवाल पर फारुख अब्दुल्ला ने कहा, 'हम लोग चाहते हैं कि स्टेटहुड आए. न सिर्फ एनसी बल्कि जितनी पार्टी यहां हैं वे सब मांग करती हैं कि यह होना चाहिए. भारत सरकार का वादा है कि स्टेटहुड होगा और पूरा स्टेटहुड होगा.' बता दें कि 2019 में संविधान का अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के साथ ही जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था. हालांकि, इस बारे में पीएम मोदी ने भी कहा है कि समय आने पर जम्मू-कश्मीर को फिर से पूर्ण राज्य बनाया जाएगा.

'गठबंधन पर पार्टी करेगी फैसला'

चुनाव लड़ने के सवाल पर फारुख अब्दुल्ला ने कहा, 'अब पता लगेगा कि कौन तैयार था और कौन तैयार नहीं था. इसमें क्या आपको कोई शक है? वो (उमर अब्दुल्ला) चुनाव नहीं लड़ेंगे, मैं चुनाव लड़ूंगा. मैं लड़ूंगा और जब स्टेटहुड रीस्टोर होगा तो मैं सीट छोड़ दूंगा और उसी सीट से उमर लड़ेंगे. अलायंस होगा कि नहीं होगा, इसका फैसला पार्टी को करना है इसीलिए मैं वापस जा रहा हूं. पार्टी की मीटिंग होनी है.' चर्चाएं हैं कि कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस मिलकर चुनाव लड़ सकती हैं.

विधानसभा चुनावों के ऐलान के बाद फारुख अब्दुल्ला ने कहा, 'मैं चुनाव आयोग से सिर्फ उम्मीद करूंगा कि लेवल प्लेइंग फील्ड सबको दें. रातोंरात इन लोगों ने अफसरों का ट्रांसफर किया है, इसका मतलब है कि इन लोगों को पहले से मालूम था. मैं चाहता हूं कि चुनाव आयोग इसको भी देखे.'

उमर अब्दुल्ला ने ट्रांसफर पर उठाए सवाल

इससे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'हम चुनाव आयोग को एक चिट्ठी भेज रहे हैं. पिछले 24 घंटे में जो बेशुमार ट्रांसफर हुए, चुनाव आयोग उनका जायजा ले. हमें तो शक है कि दिल्ली की सरकार पर जिसे कब्जा है, जो बीजेपी है उसी को मदद करने के लिए ये ट्रांसफर कराए गए हैं. चुनाव आयोग को चाहिए कि वह नोटिस जारी करके इसकी जांच कराए और जो गाइडलाइन्स के बाहर हों उनके ट्रांसफर रोक दिए जाएं. साथ ही, जिनकी सुरक्षा कम की गई है, उनकी सुरक्षा को लेकर भी चुनाव आयोग को ध्यान देना चाहिए.'

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं लेकिन उनकी पार्टी के लोगों ने दबाव बनाया हुआ है. बता दें कि जम्मू कश्मीर में विधानसभा के चुनाव तीन चरण में 18 और 25 सितंबर के अलावा 1 अक्तूबर को भी होंगे. चुनाव के नतीजे 4 अक्तूबर को आएंगे.