पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में ऐसा बयान दिया था जिसको लेकर हंगामा मचा हुआ है. इस बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता हमलावर हो गए हैं. ममता बनर्जी ने कहा था कि अगर पश्चिम बंगाल में आग लगी तो यह आग पूर्वोत्तर के राज्यों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और बिहार पर भी पड़ेगा. अब अपने बयान पर सफाई देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने आर जी कर मेडिकल कॉलेज केस से जुड़े प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कुछ नहीं कहा. ममता बनर्जी ने यह भी कहा है कि उन्होंने बीजेपी के खिलाफ बोला है क्योंकि केंद्र सरकार के भरोसे वह पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र को खतरा पैदा कर रहे हैं और अराजकता फैला रहे हैं.
ममता बनर्जी ने टीएमसी की स्टूडेंट विंग के स्थापना दिवस के मौके पर कहा था, 'बीजेपी ने बंद बुलाया क्योंकि वे एक लाश का राजनीतिक लाभ चाहते हैं. ये लोग बंगाल को बदनाम करना चाहते हैं और जांच को पटरी से उतारना चाहते हैं ताकि पीड़िता और उसके परिवार को न्याय न मिले. ध्यान रखना कि अगर बंगाल में आग लगाई गई तो इसका असर असर, पूर्वोत्तर, बिहार, यूपी, झारखंड, ओडिशा और दिल्ली में भी पड़ेगा.'
I detect a malicious disinformation campaign in some print, electronic and digital media which has been unleashed with reference to a speech that I made in our students' programme yesterday.
Let me most emphatically clarify that I have not uttered a single word against the…— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) August 29, 2024Also Read
इसी बयान के बाद पश्चिम बंगाल बीजेपी के मुखिया सुकांता मजूमदार को चिट्ठी लिखी थी. इतना ही नहीं, असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने पूछा था कि ममता दीदी की हिम्मत कैसे हुई कि वह असम को इस तरह धमकी दें. अब इस बयान के बारे में ममता बनर्जी ने एक ट्वीट में लिखा है, 'मैं देख रही हूं कि कुछ प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में एक झूठी सूचना वाला अभियान चल रहा है. यह मेरे कल के एक बयान के आधार पर चलाया जा रहा है.'
टीएमसी की मुखिया ममता बनर्जी ने लिखा है, 'मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि मैंने उन स्टूडेंट्स या उनके आंदोलन के बारे में एक भी शब्द नहीं लिखा है. मैं उनके आंदोलन का समर्थन करती हूं. यह आंदोलन सच्चा है. मैंने कभी उनको धमकी नहीं दी जैसा कि कुछ लोग मुझ पर आरोप लगा रहे हैं, ये आरोप सरासर झूठे हैं.'
बीजेपी के बारे में ममता बनर्जी ने लिखा है, 'मैंने बीजेपी के खिलाफ बोला है क्योंकि ये लोग केंद्र सरकार के सहयोग से पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र को खतरे में डाल रहे हैं और अराजकता फैला रहे हैं. केंद्र के सहयोग से ये लोग कानून व्यवस्था भंग करना चाह रहे हैं और मैंने उन्हीं के खिलाफ आवाज उठाई है. मैं यह भी स्पष्ट करती हूं कि मैंने जिस 'फोंन्श करा' मुहावरे का इस्तेमाल किया वह श्री रामकृष्ण परमहंस का कहा हुआ है. उन्होंने कहा था कि समय-समय पर आवाज उठानी पड़ती है.'