राजकोट के गेमिंग जोन में लगी आग के कारण अब तक 27 लोगों की जना चली गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट की स्पेशल ब्रांच ने सुनवाई की. इस दौरान कोर्ट ने कहा कि यह कोई आम घटना नहीं है, यह मानव जनित आपदा है. कोर्ट ने कहा कि गेमिंग जोन के निर्माण और संचालन के लिए नियमित और उचित नियमों का पालन नहीं किया गया. साथ ही कहा कि नगर निगम बताए कि किस तरह इस गेमिंग जोन चलाने की अनुमति दी गई थी.
हाईकोर्ट राज्य के खेल क्षेत्र पर निर्देश जारी कर सकता है. शनिवार शाम गर्मी की छुट्टियों का आनंद ले रहे लोगों से भरे गेमिंग जोन में लगी भीषण आग में मारे गए 27 लोगों में 12 साल से कम उम्र के चार बच्चे भी शामिल हैं.
गुजरात हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बीरेन वैष्णव और देवेन देसाई ने राज्य के 4 बड़े शहरों अहमदाबाद, वडोदरा, राजकोट और सूरत के सभी गेम जोन की डिटेल मांगी है.
राजकोट के गेमिंग जोन अग्निकांड के बड़े अपडेट्स
- गुजरात के राजकोट में टीआरपी गेम ज़ोन में भीषण आग लगने से अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है मृतकों में 12बच्चे भी शामिल हैं.
- फायर ब्रिगेड की 8 टीमें करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझा पाईं. 25 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया गया.
- दावा किया जा रहा है कि घटनास्थल पर मौजूद राजकोट के एक रिक्शा चालक इकबाल भाई ने सबसे पहले आग लगने के बारे में फायर ब्रिगेड को फोन कर जानकारी दी.
- घटना की जांच करने और 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने के लिए गुजरात सरकार द्वारा गठित पांच सदस्यीय विशेष जांच दल शनिवार देर रात राजकोट पहुंचा और स्थानीय प्रशासन के साथ बैठक की.
- हादसे की गंभीरता के देखते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि यह मानव निर्मित आपदा है. बता दें कि राजकोर्ट अग्निकांड में मासूम बच्चों की जान जाने पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है.
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताया है.
- पीएम मोदी ने शनिवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से बात कर बचाव और राहत कार्यों के बारे में जानकारी ली.
- गुजरात के सीएम ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपये और प्रत्येक घायल को 50,000 रुपये देने की घोषणा की है.