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Himachal Political Crisis: CM सुक्खू ने किया इस्तीफे से इंकार, डैमेज कंट्रोल करने हिमाचल पहुंचे हुड्डा शिवकुमार

Himachal Political Crisis: हिमाचल प्रदेश की राजनीति में आज यानी बुधवार सुबह से लगातार राजनीतिक घटनाक्रम में बदलाव आ रहा है. इस बीच सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि मैंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया है. उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि कोई मुगालते में न रहे. कांग्रेस की सरकार पूरे पांच साल चलेगी.

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Himachal Political Crisis: CM सुक्खू ने किया इस्तीफे से इंकार, डैमेज कंट्रोल करने हिमाचल पहुंचे हुड्डा शिवकुमार

Himachal Political Crisis: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के छह विधायकों की बगावत के बीच सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्षी भाजपा पर बड़ा हमला बोला है. मुख्यमंत्री सुक्खू ने नसीहत देते हुए कहा कि भाजपा कोई मुगालत में न रहे. राज्य में कांग्रेस की सरकार पूरे 5 साल चलेगी. साथ ही उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि मैंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया है. 

हिमाचल प्रदेश में आज सुबह से राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं. आज सुबह-सुबह विपक्ष के नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पहले राज्यपाल से मुलाकात की. उन्होंने सुक्खू से इस्तीफे की मांग की. इसके बाद सुखविंदर सुक्खू कैबिनेट से विक्रमादित्य सिंह ने इस्तीफा दे दिया. फिर राज्य विधानसभा में बजट सत्र के दौरान स्पीकर ने विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर समेत 15 भाजपा विधायकों को सस्पेंड कर दिया.

इस बीच ये भी खबर आई कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस्तीफे की पेशकश की है. हालांकि थोड़ी देर बाद सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मैं डरने वालों में से नहीं हूं और मैं यह गारंटी के साथ कह सकता हूं कि बीजेपी मेरे इस्तीफे के बारे में अफवाह फैला रही है. उन्होंने ये भी दावा किया कि कांग्रेस एकजुट है. उन्होंने ये भी कहा कि न तो किसी ने मुझसे इस्तीफा मांगा और न ही मैंने किसी को अपना इस्तीफा सौंपा है. हम बहुमत साबित करेंगे. हम जीतेंगे, हिमाचल की जनता जीतेगी.

सूत्रों के मुताबिक, सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस्तीफे की अटकलों के बीच राज्य के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर तीन नाम सुझाए थे, जिनमें हर्षवर्द्धन चौहान, रोहित ठाकुर और जगत सिंह नेगी शामिल हैं. इससे पहले भाजपा ने सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुख्यमंत्री पद छोड़ने की मांग की थी. भाजपा ने कहा था कि सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जनादेश और विश्वास खो दिया है. हिमाचल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है.

सुखविंदर सिंह सुक्खू से पहले उनके कैबिनेट में शामिल विक्रमादित्य सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया था. कहा जा रहा है कि जिन छह विधायकों ने भाजपा के प्रत्याशी के पक्ष में राज्यसभा चुनाव में वोटिंग की थी, वे विक्रमादित्य सिंह के ही गुट के विधायक हैं. विधायकों की असंतुष्ट होने के बाद आज सुबह विक्रमादित्य ने भी पार्टी आलाकमान को इस्तीफा सौंप दिया.

विक्रमादित्य ने इस्तीफे में क्या कहा?

इस्तीफा देने के बाद पत्रकारों से बातचीत में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि मैंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को इस बारे में बता दिया है. उन्होंने कहा कि कभी-कभी आपको ऐसे फैसले लेने होते हैं, जो कठोर होते हैं. उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि फिलहाल राज्य में जो राजनीतिक हालात हैं, ऐसे स्थिति में मैं मंत्री पद पर नहीं रह सकता. 

विक्रमादित्य ने ये भी कहा कि मैं हर हाल में चाहूंगा कि राज्य की सरकार बरकरार रहे. मैंने अब तक पार्टी आलाकमान और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का सम्मान किया है. लेकिन पार्टी के कुछ विधायक ऐसे हैं, जो असंतुष्ट हैं और उनकी शिकायतों का कोई समाधान नहीं हुआ है.

'ऑपरेशन लोटस' से निपटने के लिए कांग्रेस उठा रहे ये कदम

कांग्रेस महासचिव संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार, हरियाणा के पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुडा और हमारे प्रभारी राजीव शुक्ला हिमाचल प्रदेश में हैं. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बात की है. मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्य के दौरे पर गए कांग्रेस के सीनियर नेताओं से असंतुष्ट विधायकों से मिलने और उनसे बात करने को कहा है. जयराम रमेश ने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस सरकार गिराने की साजिश हुई है. फिलहाल, 'ऑपरेशन लोटस' से निपटने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने इन सीनियर साथियों (शिवकुमार, हुड्डा, राजीव शुक्ला) को सभी विधायकों से मिलने को कहा है. साथ ही कहा है कि सबकी बात सुनने के बाद जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश की जाए.

हिमाचल की राजनीति में अब तक के अपडेट्स 

  • हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा और कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार डैमेज कंट्रोल के लिए शिमला पहुंचे हैं. 
  • हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस में आंतरिक कलह पर पार्टी के सीनियर नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता दो महान विरासतों (वाईएस परमार और वीरभद्र सिंह) के तहत काम कर रहे हैं. हम वर्तमान संकट से उबर जाएंगे और मिलकर सरकार चलाएंगे.
  • क्रॉस वोटिंग करने वाले कांग्रेस विधायक विधानसभा पहुंचे
  • मंगलवार को राज्यसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को वोट देने वाले कांग्रेस विधायक बुधवार सुबह हिमाचल प्रदेश विधानसभा पहुंचे.
  • हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई, जिसमें 15 भाजपा विधायक निलंबित कर दिए गए.
  • राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के एक दिन बाद भाजपा के हर्ष महाजन ने कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह के फैसले का समर्थन किया. 
  • महाजन ने कहा कि मैंने उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो कहा वह बिल्कुल सही है. मैं उससे 100% सहमत हूं. वे वीरभद्र सिंह के बेटे हैं और हिमाचल में यूथ आइकन हैं.
  • हर्ष महाजन ने कहा कि जिस तरह से विक्रमादित्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कैसे उन्हें अपमानित किया गया, उनके पिता को कैसे अपमानित किया गया, ऐसे में उनके पास क्या विकल्प था? 
  • हर्ष महाजन ने ये भी कहा कि कांग्रेस यहां से खत्म हो गई है. अब उनके सभी प्रयास विफल हो जाएंगे. भाजपा यहां सरकार बनाएगी.
  • पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज सुबह राज्यपाल से मुलाकात की थी और आशंका व्यक्त की थी कि स्पीकर मतों के विभाजन को रोकने और बजट पारित करने की सुविधा के लिए भाजपा विधायकों को निलंबित कर देंगे.
  • क्या मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस पार्टी में बने रहेंगे, वाले सवाल पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि आने वाले समय में, मैं अपने लोगों, समर्थकों और शुभचिंतकों के साथ उचित चर्चा और विचार-विमर्श करूंगा.

हिमाचल विधानसभा में दलों की स्थिति

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में में 68 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 35 है. 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 40 और बीजेपी को 25 सीटें मिली थीं. 3 सीटों पर निर्दलीय विधायकों की जीत हुई थी. राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के 6 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी. अगर ये सभी विधायक पाला बदलते हैं तो कांग्रेस के पास 34 विधायक बचेंगे. जो बहुमत के आंकड़े से एक कम है.