Himachal Political Crisis: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के छह विधायकों की बगावत के बीच सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्षी भाजपा पर बड़ा हमला बोला है. मुख्यमंत्री सुक्खू ने नसीहत देते हुए कहा कि भाजपा कोई मुगालत में न रहे. राज्य में कांग्रेस की सरकार पूरे 5 साल चलेगी. साथ ही उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि मैंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया है.
हिमाचल प्रदेश में आज सुबह से राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं. आज सुबह-सुबह विपक्ष के नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पहले राज्यपाल से मुलाकात की. उन्होंने सुक्खू से इस्तीफे की मांग की. इसके बाद सुखविंदर सुक्खू कैबिनेट से विक्रमादित्य सिंह ने इस्तीफा दे दिया. फिर राज्य विधानसभा में बजट सत्र के दौरान स्पीकर ने विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर समेत 15 भाजपा विधायकों को सस्पेंड कर दिया.
इस बीच ये भी खबर आई कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस्तीफे की पेशकश की है. हालांकि थोड़ी देर बाद सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मैं डरने वालों में से नहीं हूं और मैं यह गारंटी के साथ कह सकता हूं कि बीजेपी मेरे इस्तीफे के बारे में अफवाह फैला रही है. उन्होंने ये भी दावा किया कि कांग्रेस एकजुट है. उन्होंने ये भी कहा कि न तो किसी ने मुझसे इस्तीफा मांगा और न ही मैंने किसी को अपना इस्तीफा सौंपा है. हम बहुमत साबित करेंगे. हम जीतेंगे, हिमाचल की जनता जीतेगी.
#WATCH | Himachal Pradesh CM Sukhvinder Singh Sukhu says "I am not someone who will get scared and I can say this with guarantee, that Congress is going to win when the Budget will be presented. The budget will be passed today. BJP is spreading rumours of my resignation. Congress… pic.twitter.com/LMl3oO9QOp
— ANI (@ANI) February 28, 2024
सूत्रों के मुताबिक, सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस्तीफे की अटकलों के बीच राज्य के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर तीन नाम सुझाए थे, जिनमें हर्षवर्द्धन चौहान, रोहित ठाकुर और जगत सिंह नेगी शामिल हैं. इससे पहले भाजपा ने सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुख्यमंत्री पद छोड़ने की मांग की थी. भाजपा ने कहा था कि सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जनादेश और विश्वास खो दिया है. हिमाचल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है.
सुखविंदर सिंह सुक्खू से पहले उनके कैबिनेट में शामिल विक्रमादित्य सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया था. कहा जा रहा है कि जिन छह विधायकों ने भाजपा के प्रत्याशी के पक्ष में राज्यसभा चुनाव में वोटिंग की थी, वे विक्रमादित्य सिंह के ही गुट के विधायक हैं. विधायकों की असंतुष्ट होने के बाद आज सुबह विक्रमादित्य ने भी पार्टी आलाकमान को इस्तीफा सौंप दिया.
इस्तीफा देने के बाद पत्रकारों से बातचीत में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि मैंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को इस बारे में बता दिया है. उन्होंने कहा कि कभी-कभी आपको ऐसे फैसले लेने होते हैं, जो कठोर होते हैं. उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि फिलहाल राज्य में जो राजनीतिक हालात हैं, ऐसे स्थिति में मैं मंत्री पद पर नहीं रह सकता.
विक्रमादित्य ने ये भी कहा कि मैं हर हाल में चाहूंगा कि राज्य की सरकार बरकरार रहे. मैंने अब तक पार्टी आलाकमान और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का सम्मान किया है. लेकिन पार्टी के कुछ विधायक ऐसे हैं, जो असंतुष्ट हैं और उनकी शिकायतों का कोई समाधान नहीं हुआ है.
कांग्रेस महासचिव संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार, हरियाणा के पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुडा और हमारे प्रभारी राजीव शुक्ला हिमाचल प्रदेश में हैं. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बात की है. मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्य के दौरे पर गए कांग्रेस के सीनियर नेताओं से असंतुष्ट विधायकों से मिलने और उनसे बात करने को कहा है. जयराम रमेश ने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस सरकार गिराने की साजिश हुई है. फिलहाल, 'ऑपरेशन लोटस' से निपटने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने इन सीनियर साथियों (शिवकुमार, हुड्डा, राजीव शुक्ला) को सभी विधायकों से मिलने को कहा है. साथ ही कहा है कि सबकी बात सुनने के बाद जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश की जाए.
#WATCH | Himachal Pradesh political crisis | Congress General Secretary in-charge Communications Jairam Ramesh says, "Karnataka Deputy CM D.K. Shivakumar, former Haryana CM Bhupinder Singh Hooda and our incharge Rajeev Shukla are there. They have spoken with the Congress… pic.twitter.com/JcVdIczVIj
— ANI (@ANI) February 28, 2024
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में में 68 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 35 है. 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 40 और बीजेपी को 25 सीटें मिली थीं. 3 सीटों पर निर्दलीय विधायकों की जीत हुई थी. राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के 6 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी. अगर ये सभी विधायक पाला बदलते हैं तो कांग्रेस के पास 34 विधायक बचेंगे. जो बहुमत के आंकड़े से एक कम है.