Himachal News: हिमाचल राज्यसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत के बावजूद कांग्रेस की हार के बाद अब सुक्खू सरकार को 'ऑपरेशन लोटस' का डर सताने लगा है. दरअसल, 68 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस के पास 43 विधायकों (40 कांग्रेस और तीन अन्य) का समर्थन है, जबकि भाजपा के 25 विधायक हैं. मंगलवार को राज्य में हुए राज्यसभा चुनाव में बहुमत के बावजूद कांग्रेस के उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी को हार का सामना करना पड़ा. ऐसे में सवाल ये कि क्या कांग्रेस में फूट पड़ गई है? क्या राज्य की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं?
सूत्रों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के 40 विधायकों में से 20 विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू को मुख्यमंत्री पद से हटाना चाहते हैं. उधर, हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज सुबह राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मुलाकात की. मुलाकात के दौरान भाजपा विधायक दल के सभी नेता भी मौजूद रहे. हिमाचल के पूर्व CM जयराम ठाकुर ने राज्यपाल से मुलाकात कर मौजूदा घटनाक्रम की जानकारी दी. जयराम ठाकुर ने राज्यपाल से इस बात की भी आशंका जताई कि स्पीकर भाजपा विधायकों को सस्पेंड कर सकते हैं.
हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्यपाल से मुलाकात कर हमने अपनी बात रखी है. हमें आशंका है कि वे भाजपा के विधायकों को विधानसभा में सस्पेंड कर सकते हैं. कल कांग्रेस के जिन विधायकों ने भाजपा को वोट दिया उन्हें नोटिस जारी हुआ है और उन्हें भी विधानसभा में सस्पेंड करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं.
#WATCH | Himachal Pradesh LoP Jairam Thakur reached Raj Bhawan to meet Governor Shiv Pratap Shukla.
He says "We are not being heard in the Vidhan Sabha. Whenever we demand division during the financial bill, it is not allowed. The House is getting adjourned without our… pic.twitter.com/RWkSsWB6BD
— ANI (@ANI) February 28, 2024
हिमाचल में मंगलवार को हुए राज्यसभा चुनाव के लिए पूर्ण बहुमत के बावजूद कांग्रेस अपने प्रत्याशी को जीत नहीं दिला पाई. राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के 6 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की जबकि तीन अन्य विधायकों ने भी कांग्रेस का साथ नहीं दिया. कहा जा रहा है कि कांग्रेस के जिन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, वो सुक्खू सरकार से खुश नहीं है. न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, बागी विधायकों का कहना है कि राज्य के मुख्यमंत्री पद से सुखविंदर सिंह सुक्खू को हटाया जाए.
उधर, ऑपरेशन कमल को फेल करने के लिए कांग्रेस भी पूरी तरह से तैयार दिख रही है. जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस ने राज्य के ताजा हालातों को देखते हुए कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को पर्यवेक्षक के तौर पर हिमाचल भेज रही है. उनके अलावा हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी हिमाचल भेजा जा सकता है.
68 सदस्यों वाली हिमाचल विधानसभा में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 35 है. फिलहाल, विधानसभा में कांग्रेस के 40 विधायक हैं, जबकि तीन अन्य विधायकों का उन्हें समर्थन प्राप्त है. वहीं, भाजपा के 25 विधायक है. अगर भाजपा अविश्वास प्रस्ताव लाती है और फ्लोर टेस्ट के दौरान कांग्रेस के बागी विधायक और तीन अन्य विधायक सुक्खू सरकार के खिलाफ वोट करते हैं तो कांग्रेस के पास 31 विधायक बच जाएंगे, जिससे सरकार अल्पमत में आ जाएगी और सुक्खू सरकार गिर जाएगी.
हालांकि, इसकी संभावना कम दिख रही है, क्योंकि अगर बागी विधायकों के खिलाफ कांग्रेस एक्शन लेती है और अगर उनकी सदस्यता रद्द करती है, तो राज्य में विधायकों की संख्या 62 हो जाएगी और ऐसे में बहुमत का आंकड़ा 32 हो जाएगा. ऐसे में भी बहुमत कांग्रेस के पास ही रहेगा.
राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी राज्यसभा चुनाव में हार के बाद कहा कि अगर भाजपा अविश्वास प्रस्ताव लाती भी है, तो हमारे पास 34 विधायक हैं. उन्होंने कहा कि जिन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है, अविश्वास प्रस्ताव के बाद भी वे हमारे समर्थन में ही वोट करेंगे. सुखविंदर सिंह सुक्खू के बयान पर गौर किया जाए तो उन्हें पूरा विश्वास है कि कांग्रेस के सभी विधायक उनके साथ हैं. ऐसे में अगर भाजपा अविश्वास प्रस्ताव लाती भी है तो ये खारिज हो जाएगा.
सुखविंदर सिंह सुक्खू के बयान के मुताबिक उनके विधायक पार्टी के साथ हैं. ऐसे में अगर भाजपा अविश्वास प्रस्ताव लाती भी है, तो उसका खारिज होना तय माना जा रहा है. सुक्खू सरकार पर इसका कोई असर फिलहाल पड़ता नहीं दिख रहा है. आंकड़ों के मुताबिक, अगर तीन निर्दलीय विधायक भाजपा के समर्थन में आते भी हैं, तो राज्य में विपक्ष में मौजूद भाजपा की संख्या 25 से बढ़कर 28 हो जाएगी, ऐसे में वे सरकार बनाने के आंकड़े से काफी दूर दिख रहे हैं.