Gurgaon Crime News: गुड़गांव पुलिस को 1 जुलाई को सुबह 10.45 बजे एक पीसीआर कॉल मिली. बताया गया कि गुड़गांव सेक्टर 107 में एक हाउसिंग सोसाइटी में 9 साल की एक लड़की की हत्या कर दी गई है. उसकी लाश को जलाने की कोशिश की गई है. आरोपी नाबालिग है, जो उसी सोसाइटी में रहता है. आरोपी की उम्र 16 साल है और वो पीड़ित 9 साल की लड़की को ट्यूशन पढ़ाने आता था.
जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी नाबालिग लड़के को हिरासत में ले लिया. राजेंद्र पार्क पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित लड़की की मां 1 जुलाई की सुबह अपने बेटे के साथ पड़ोसी के घर गई थी. जब वह वापस आई तो उसने पाया कि उसके घर का गेट अंदर से बंद था. अंदर झांकने पर उसने आरोपी को देखा. इसी दौरान उसे अंदर से जलने की गंध भी आई.
पुलिस ने बताया कि जब पड़ोसियों और फायर ब्रिगेड की मदद से घर का दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर बेड पर लड़की की अधजली लाश पड़ी थी. पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला कि 16 साल के आरोपी ने पहले लड़की का दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या की, फिर उस पर कपड़ा डालकर उसे आग लगा दी. पुलिस ने बताया कि ज्वेलरी चुराते हुए पकड़े जाने पर लड़के ने लड़की की हत्या की है. राजेंद्र नगर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी अपने सट्टेबाजे की आदतों के कारण कर्ज में डूबा था और कर्ज चुकाने के लिए उसने ज्वेलरी चुराई थी.
शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने सबूत मिटाने के इरादे से लड़की के ऊपर कपड़े रख दिए और उसमें आग लगा दी. हालांकि, आग के कारण धुआं निकलने लगा और तभी लड़की की मां भी पड़ोस से अपने फ्लैट पर पहुंच गई थी. घटना सेक्टर 107 की ग्लोबल सिग्नेचर सोसाइटी के A8 सेक्शन की पहली मंजिल के 104 फ्लैट नंबर में हुई.
DCP करण गोयल के मुताबिक, पीड़ित और आरोपी का परिवार एक-दूसरे के पड़ोसी हैं. दोनों के परिवारों के बीच पहले से ही बेहतर संबंध हैं. घटना के दिन मृतका की मां, आरोपी नाबालिग के ही घर गई थी, जबकि मृतका के पिता काम से बाहर गए थे.
जानकारी मिली है कि जब पुलिस ने आरोपी नाबालिग से पूछताछ कि तो उसने बताया कि वो लड़की के घर से ज्वेलरी की चोरी कर रहा था. उस दौरान लड़की बाथरूम में थी. जब वो बाहर निकली तो उसने ज्वेलरी चुराते हुए मुझे देख लिया. इसके बाद मुझे लगा कि वो अपने घर में सभी को बता देगी. फिर मैंने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. फिर उसकी लाश पर कपड़े रखकर उसे आग के हवाले कर दिया. फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था. जब पुलिस आई, तो मैं वहीं बैठा था.