menu-icon
India Daily
share--v1

गुजरात में 700 स्कूलों पर 'ताला', 5 दिनों में खत्म होंगी गर्मी की छुट्टियां; कैसे होगी बच्चों की पढ़ाई?

Gujarat News: राजकोट गेमिंग जोन अग्निकांड के बाद गुजरात के 700 स्कूलों को सील कर दिया गया था. अब राज्य में गर्मियों की छुट्टियां खत्म होने वाली हैं. ऐसे में स्कूलों ने राज्य सरकार से मदद की अपील की है.

auth-image
India Daily Live
gujarat 700 schools sealed
Courtesy: Social Media

Gujarat News: 13 जून को गर्मी की छुट्टियां खत्म होने वाली हैं, ऐसे में गुजरात के स्कूलों ने राज्य सरकार से मौजूद संकट को हल करने में मदद करने की अपील की है. साथ ही स्कूलों की ओर से दावा किया गया है कि संकट को जल्द नहीं खत्म किया गया, तो इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ेगा. दरअसल, 25 मई को राजकोट के गेमिंग जोन में लगी आग के बाद राज्य भर में अधिकारी हरकत में आ गए थे. उन्होंने कई व्यावसायिक इमारतों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) और बीयूसी (भवन उपयोग प्रमाण पत्र या अनुमति) न होने के कारण सील कर दिया था. इनमें स्कूलों की संख्या 700 बताई जा रही है.

स्कूलों के सील होने से छात्रों के परिजन भी चिंतित हैं. उनकी चिंता के बीच स्वनिर्भर शाला संचालक मंडल (स्व-वित्तपोषित स्कूल संघ) ने गुजरात के शिक्षा मंत्री प्रफुल्ल पनसेरिया से मुलाकात की. मुलाकात के बाद पनसेरिया ने जल्द ही इस मामले को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के समक्ष रखने का आश्वासन दिया. इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए पंसेरिया ने कहा कि हमें पता चला है कि राज्य भर में 600-700 निजी स्कूलों को बीयूसी और फायर एनओसी न होने के कारण सील कर दिया गया है. नगर निकाय, गुजरात हाई कोर्ट के आदेश के दिशा-निर्देशों पर काम कर रहे हैं. सूरत में कुछ स्कूल परिसीमन के बाद शहर की सीमा में आ गए और मुद्दा यह है कि वे बीयूसी कैसे जमा करेंगे.

बोले- हाई कोर्ट कोई समाधान जरूर निकालेगा?

पंसेरिया ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि छात्रों और पैरेंट्स की समस्याओं पर विचार करने के बाद हाई कोर्ट कोई समाधान निकालेगा, ताकि छात्रों पर इसका असर न पड़े. हम कोर्ट के आदेश के अनुसार काम करेंगे. उन्होंने आगे कहा कि रिप्रेजेंटेटिव बॉडीज ने कल (7 जून) मुझसे मुलाकात की और उन्हें भी पता है कि स्कूलों को उचित अग्नि सुरक्षा उपायों के बिना काम नहीं करना चाहिए. उन्होंने हमें बताया कि सील किए गए अधिकांश स्कूलों के पास ऐसी मंजूरी है. एकमात्र समस्या बीयूसी है. हम इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से बात करेंगे.

ये कार्रवाई गुजरात हाई कोर्ट की ओर से इस घटना का स्वतः संज्ञान लेने के बाद की गई. आग लगने के बाद कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था कि अब हमें गुजरात सरकार पर भरोसा नहीं है. यह स्पष्ट हो गया था कि गेम जोन बिना फायर एनओसी के चल रहा था. 

सील की गई यूनिट्स में से सूरत में करीब 74 इमारतें हैं, जिनमें करीब 200 स्कूल हैं. अहमदाबाद में छह और गांधीनगर में चार स्कूल इमारतें हैं. सूरत के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) भागीरथ परमार ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि 74 से ज़्यादा इमारतें हैं, जिनमें सुबह और दोपहर में एक ही इमारत में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूल चलते हैं. इसलिए इन इमारतों में चलने वाले स्कूलों की संख्या 200 से ज़्यादा है. 

गांधीनगर के निगम प्रभारी क्या बोले?

गांधीनगर नगर निगम के प्रभारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी कैजाद दस्तूर के हलफनामे के अनुसार, 1 जून तक 62 स्कूलों के पास वैलिड फायर एनओसी थी, जबकि चार के पास नहीं थी. हलफनामे में कहा गया है कि 31 मई तक चार में से, बा श्री वसंत कुंवरबा कन्या विद्यालय और अंबापुर में दिल्ली पब्लिक स्कूल को सील कर दिया गया था. दो अन्य स्कूल को तुरंत अपने फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट को रिन्यू करने के लिए नोटिस जारी किया गया था.

अहमदाबाद फायर इमरजेंसी सर्विसेज के अतिरिक्त मुख्य अग्निशमन अधिकारी एमबी मिस्त्री ने कहा कि अहमदाबाद में फिलहाल छह स्कूल हैं जिन्हें फायर क्लीयरेंस के कारण सील कर दिया गया है. मिस्त्री ने कहा कि फिलहाल ये सभी छह स्कूल छुट्टियों के लिए बंद हैं. उन्हें या तो नए फायर एनओसी के लिए आवेदन करना होगा या रिन्यू कराना होगा... उसके बाद ही स्कूल फिर से खोले जा सकेंगे.

अहमदाबाद शहर के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) रोहित चौधरी ने कहा कि कोई खास असर महसूस नहीं हुआ है और सील किए गए स्कूलों ने पहले ही फायर एनओसी के लिए आवेदन कर दिया है. चौधरी ने बताया कि जिला शिक्षा कार्यालय ने शहर के अग्निशमन विभाग के साथ मिलकर तीन स्कूलों (उदगाम स्कूल, नवकार स्कूल और संत कबीर) में भी औचक निरीक्षण किया, जिनके पास फायर एनओसी नहीं है. पहले दो स्कूलों में कई खामियां पाई गईं.