नई दिल्ली: भारत-जर्मनी संबंधों को नई गति देने के उद्देश्य से जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज अपने पहले आधिकारिक दौरे पर भारत पहुंचे हैं. दो दिवसीय यात्रा के तहत वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत और जर्मनी की रणनीतिक साझेदारी को 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं. दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, सुरक्षा और हरित विकास जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत की उम्मीद है.
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज रविवार रात अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे. यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही है. अधिकारियों के अनुसार, मर्ज का यह दौरा भारत और जर्मनी के द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यह उनका भारत का पहला आधिकारिक दौरा है.
फ्रेडरिक मर्ज और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक आज अहमदाबाद में होगी. दोनों नेता सुबह करीब 9:30 बजे साबरमती आश्रम का संयुक्त दौरा करेंगे. इसके बाद वे साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में हिस्सा लेंगे. यह कार्यक्रम भारत की सांस्कृतिक विरासत को दिखाने के साथ-साथ द्विपक्षीय रिश्तों में सौहार्द का संदेश भी देगा.
दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच औपचारिक वार्ता महात्मा मंदिर में सुबह 11:15 बजे शुरू होगी. इस दौरान भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की जाएगी. व्यापार और निवेश, उन्नत तकनीक, शिक्षा, कौशल विकास और लोगों की आवाजाही जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है.
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#WATCH | Ahmedabad, Gujarat: Federal Chancellor of Germany, Friedrich Merz arrives at the Sardar Vallabhbhai Patel International Airport.
— ANI (@ANI) January 11, 2026
He is on an official visit to India from 12-13 January at the invitation of Prime Minister Narendra Modi. pic.twitter.com/sIqGH7Ewe5
वार्ता के प्रमुख एजेंडों में रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी शामिल है. इसके अलावा विज्ञान, नवाचार, अनुसंधान, स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास पर सहयोग बढ़ाने के उपायों पर बात होगी. दोनों देश जलवायु परिवर्तन से निपटने और हरित तकनीकों के क्षेत्र में मिलकर काम करने को प्राथमिकता दे रहे हैं.
यह दौरा 27 जनवरी को प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन से पहले हो रहा है. जर्मनी, यूरोपीय संघ के भीतर भारत का एक प्रमुख साझेदार है, खासकर विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और रक्षा सहयोग के क्षेत्रों में. इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी, जहां इस दौरे का आधार तैयार हुआ था.