नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित एक औद्योगिक इकाई में मंगलवार को हुए गैस रिसाव ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया. नियमित कामकाज के बीच अचानक हुई इस घटना में दो कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से प्रभावित हुए. हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आपातकालीन सेवाओं को तुरंत सक्रिय करना पड़ा. घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों और कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय संयंत्र के एक हिस्से में काम सामान्य रूप से चल रहा था. इसी दौरान कार्बन डाइऑक्साइड गैस का रिसाव शुरू हुआ. कुछ ही देर में प्रभावित क्षेत्र में ऑक्सीजन का स्तर कम होने लगा, जिससे वहां मौजूद कर्मचारियों को सांस लेने में परेशानी महसूस हुई. हालात तेजी से बिगड़े और कई कर्मचारी गैस की चपेट में आ गए.
हादसे में गणेश उंबरे और वैभव थोराट गंभीर रूप से प्रभावित हुए. दोनों को तत्काल सहायता देने की कोशिश की गई, लेकिन ऑक्सीजन की कमी और गैस के प्रभाव के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. इस घटना से उनके सहकर्मियों और परिजनों में शोक का माहौल है. फैक्ट्री कर्मचारियों के बीच भी इस घटना को लेकर चिंता बढ़ गई है.
घटना में घायल हुए श्रीकृष्ण साहू, गौरीशंकर शर्मा और नरसिंह पाटिल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है. अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. हादसे के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
गैस रिसाव की सूचना मिलते ही कंपनी प्रशासन ने आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली लागू कर दी. अन्य कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. पुलिस, औद्योगिक सुरक्षा विभाग और संबंधित एजेंसियां भी मौके पर पहुंचीं. पूरे क्षेत्र को सुरक्षित करने के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाया गया, ताकि किसी और कर्मचारी को नुकसान न पहुंचे.
हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस और औद्योगिक सुरक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है. यह देखा जा रहा है कि कहीं तकनीकी खराबी, उपकरणों की कमी या संचालन में चूक तो इस घटना की वजह नहीं बनी. घटना के बाद आसपास की औद्योगिक इकाइयों को भी सतर्क किया गया है. कर्मचारी संगठनों ने जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है.