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India Daily

'मानवाधिकार उल्लंघन छिपाने के लिए फैला रहा फेक न्यूज', PoK में हिंसा पर भारत का पाकिस्तान पर बड़ा हमला

भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार PoK के रावलाकोट में हुई हिंसक झड़पों और मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान झूठा प्रचार कर रहा है. भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की अपील की है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'मानवाधिकार उल्लंघन छिपाने के लिए फैला रहा फेक न्यूज', PoK में हिंसा पर भारत का पाकिस्तान पर बड़ा हमला
Courtesy: AI GENERATED

नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी POK के रावलाकोट में हुई ताजा हिंसा और प्रदर्शनों को लेकर भारत ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया है. भारत ने इस्लामाबाद पर आरोप लगाया है कि वह इस इलाके में हो रहे मानवाधिकारों के हनन और अपनी अंदरूनी नाकामियों से दुनिया का ध्यान भटकाने के लिए प्रोपेगैंडा फैला रहा है.

भारतीय विदेश मंत्रालय का तीखा हमला

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि पाकिस्तान की तरफ से लगातार फर्जी खबरें और भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे हैं. उनका कहना है कि पाकिस्तान ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि वह वहां की जनता की असली समस्याओं को दबा सके और अपनी गलतियों पर पर्दा डाल सके.

जायसवाल ने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान वहां के नागरिकों की जायज शिकायतों को दूर करने के बजाय एक झूठी कहानी गढ़ने की नाकाम कोशिश कर रहा है. भारत का मानना है कि आम नागरिकों पर बल प्रयोग और मानवाधिकारों के उल्लंघन जैसी गंभीर घटनाओं को छुपाने के लिए ही पाकिस्तान इस तरह की अफवाहें फैला रहा है.

पुलिस की बर्बरता और मौतों पर जताई चिंता

भारतीय प्रवक्ता ने PoK में पुलिस द्वारा की गई कथित बर्बरता का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई प्रदर्शनकारियों की जान गई है और बहुत से लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. भारत के मुताबिक, अपने हक के लिए आवाज उठाने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों के साथ वहां जिस तरह का हिंसक बर्ताव किया जा रहा है वह बेहद चिंताजनक है.

भारत ने इस मामले में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी दखल देने की अपील की है. रणधीर जायसवाल ने कहा कि वैश्विक संगठनों और अन्य देशों को इस स्थिति पर गौर करना चाहिए ताकि बेकसूर लोगों पर अत्यधिक बल प्रयोग और मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए पाकिस्तान की जवाबदेही तय की जा सके.

रावलाकोट हिंसा और जमीनी हकीकत

यह पूरा विवाद PoK के रावलाकोट में भड़की भीषण हिंसा के बाद शुरू हुआ जहां पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर गोलियां चलाईं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस बवाल में कम से कम 27 लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि सोशल मीडिया पर चल रहे कुछ वीडियो और दावों की मानें तो मरने वालों की संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है लेकिन अभी तक इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है.

तनाव और बढ़ने की आशंका

पिछले कुछ हफ्तों से प्रशासन के खिलाफ अलग-अलग संगठनों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है. वहां के लोग राजनीतिक प्रतिनिधित्व, खराब शासन और बदहाल आर्थिक स्थिति को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इस बीच प्रशासन ने चेतावनी दी है कि वे प्रदर्शनकारियों द्वारा निकाले जाने वाले 'लॉन्ग मार्च' को किसी भी कीमत पर रुकने नहीं देंगे और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. दूसरी तरफ आंदोलनकारियों ने भी साफ कर दिया है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे. ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदर्शनों और हिंसक झड़पों का दौर और तेज होने की आशंका बनी हुई है.