गोवा के नाइटक्लब में लगी भीषण आग मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिर्च बाय रोमियो नाइटक्लब के दो मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. इस अग्निकांड में 25 लोगों की मौत हुई है और 6 लोग घायल हैं. पुलिस ने नाइटक्लब के मालिकों सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा पर एफआईआर दर्ज की है जबकि आग की घटना के सिलसिले में अरपोरा-नगोआ के सरपंच को भी हिरासत में लिया है.
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में नाइटक्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
क्लब के मैनेजर और इवेंट ऑर्गनाइजर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हुई है. वहीं 2013 में नाइटक्लब के लिए लाइसेंस जारी करने को लेकर रोशन रेडकर को भी हिरासत में लिया गया है.
घटना की शुरुआती जांच में पता चला कि इस नाइटक्लब के निर्माण में ही भारी अनियमितताएं हुई थीं. नाइटक्लब का प्रवेश द्वार काफी संकरा था, भागने की कोई जगह नहीं थी और इसके निर्माण में ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था.
वहीं गोवा के मुख्यमंत्री ने सुरक्षा नियमों को ताक पर रखने के बावजूद इस नाइटक्लब को संचालन करने की अनुमति देने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई का फैसला किया है. गांव के एक अधिकारी ने बताया कि यह नाइटक्लब अवैध था लेकिन इसके गिराने पर उच्च अधिकारियों ने रोक लगा रखी थी.
यह आग उस समय लगी जब शनिवार और रविवार की रात क्लब में 100 लोग मौजूद थे. आग लगने का कारण सिलेंडर फटना बताया जा रहा है. जैसे ही आग लगी कुछ लोग ग्राउंड फ्लोर की तरफ भागे लेकिन कुछ लोग संकरा प्रवेश होने के कारण किचन में ही फंसे रह गए, इसके अलावा क्लब से भागने की भी कोई जगह नहीं थी. मरने वालों में 14 स्टाफ के लोग और चार यात्री भी शामिल हैं, जबकि अन्य सात की अभी पहचान होना बाकी है.