menu-icon
India Daily

Farmers Protest:  किसान संगठनों और सरकार के बीच 'अच्छे माहौल' में हुई मुलाकात, अगली मीटिंग को लेकर आई बड़ी अपडेट

Farmers Protest 2024: किसान एक तरफ जहां अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं तो वहीं सरकार चाहती है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत से शांतिपूर्ण ढंग से कोई ना कोई समाधान निकल जाए. केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने अगली मीटिंग को लेकर जरूरी अपडेट दी है.

India Daily Live
Farmers Protest:  किसान संगठनों और सरकार के बीच 'अच्छे माहौल' में हुई मुलाकात, अगली मीटिंग को लेकर आई बड़ी अपडेट

किसान संगठनों और सरकार के बीच बातचीत के जरिए हल निकालने की कोशिशों के बीच चंडीगढ़ में तीसरे दौर की बातचीत बैगर किसी नतीजे के समाप्त हो गई है. किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं. जबकि सरकार का कहना है कि अभी एमएसपी को लेकर कानून बनाना संभव नहीं हो पाएगा. 

अब दोनों पक्ष फिर से बातचीत करेंगे 

इस बारे में यूनियन मिनिस्टर अर्जुन मुंडा ने अपडेट दिया है. मुंडा किसानों के साथ चंड़ीगढ़ में तीसरे दौर की बातचीत में शामिल थे. बातचीत के बाद उन्होंने कहा कि सरकार और किसान यूनियनों के बीच काफी पॉजिटिव मीटिंग रही है. किसानों के मुद्दों पर ध्यान देते हुए हम रविवार को 6 बजे फिर से अगली मीटिंग करेंगे. 

मीटिंग अच्छे माहौल में हुई- मुंडा

मुंडा पीयूष गोयल के साथ प्रेस कांफ्रेस कर रहे थे. यहां उन्होंने आगे की जानकारी देते हुए कहा, "हम सब मिलकर शांतिपूर्ण तरीके से समाधान ढूंढेगे. ये बातचीत हमारे सीनियर मिनिस्टर पीयूष जी और नित्यानंद जी की उपस्थिति में हुई है और मैं इसको बहुत सकारात्मक मानता हूं."

इसके अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी यही बात दोहराई है कि ये बातचीत काफी पॉजिटिव रही है. एक-एक विषय पर बहुत बारीक से चर्चा हुई है कि क्या समाधान निकाला जा सकता है. हालांकि मान ने इंटरनेट बंद होने को लेकर भी अपनी चिंताए व्यक्त की.

इससे पहले दोनों पक्षों में दो बार हुई पिछली बातचीत विफल हो चुकी है. सरकार का कहना है कि पंजाब और हरियाणा के किसानों को पहले ही गेंहू, धान, गन्ना और कपास के लिए एमएसपी खरीद से फायदा हुआ है. हालांकि किसानों इस बात पर अड़े हुए हैं कि सभी फसलों के लिए एमएसपी लागू किया जाए.

फिलहाल इंटरनेट सर्विस सस्पेंड

सूत्रों के मुताबिक, ये भी जानकारी सामने है कि मीटिंग में सरकार ने लखीमपुर खीरी में घायल हुए 13 व्यक्तियों में से प्रत्येक को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का वादा किया है. ये रकम प्रदर्शन समाप्त होने के 7 दिन के अंदर दे दी जाएगी.

फिलहाल किसानों के आंदोलन का असर कम करने के लिए सरकार ने 16 फरवरी की रात तक हरियाणा सरकार ने इंटरनेट की सर्विस को सस्पेंड किया हुआ है. इसकी जद में पंजाब का बॉर्डर भी शामिल है जहां हजारों किसान बैरिकेड्स तोड़कर दिल्ली जाने की कोशिश कर रहे हैं.