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क्या चुनाव जीतने के बाद पीएम मोदी बने थे OBC, राहुल गांधी के दावों की असल रिपोर्ट

Fact Check On Rahul Gandhi Claim: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी की जाति को लेकर एक बड़ा दावा किया है. राहुल गांधी का दावा है कि पीएम मोदी जन्म से ओबीसी नहीं थे. आइए जानते हैं राहुल गांधी के इस दावे का सच क्या है.

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Fact Check On Rahul Gandhi Claim: भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ओड़िसा में पीएम मोदी की जाति पर टिप्पणी की है. राहुल गांधी ने पीएम मोदी  को फर्जी ओबीसी बताया है. राहुल गांधी ने अपनी यात्रा के दौरान कहा कि नरेंद्र मोदी जन्म से ओबीसी नहीं थे. राहुल गांधी ने अपने दावे में आगे कहा कि गुजरात में बीजेपी की सरकार आने के बाद पीएम मोदी ने अपनी जाति को ओबीसी बताया.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस दावे के बाद प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है. इसी कड़ी में राहुल के दावे को गलत और पीएम की जाति के बारे में सच्चाई बताने के लिए बीजेपी के नेताओं से सोशल मीडिया का सहारा लिया है.

पीएम की जाति को 2000 में मिला OBC का टैग

पीएम मोदी की जाति को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने यह दावा किया कि नरेंद्र मोदी गुजरात की तेली जाति में पैदा हुए थे और इस समुदाय को बीजेपी ने 2000 में ओबीसी का टैग दिया था. राहुल गांधी की मानें को पीएम मोदी का जन्म सामान्य जाति में हुआ था. कांग्रेस नेता की मानें तो वह अपने पूरे जीवन में जाति जनगणना नहीं होने देंगे क्योंकि वह ओबीसी वर्ग में पैदा हुए ही नहीं थे.

BJP नेता अमित मालवीय ने दी सफाई

पीएम की जाति को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर बीजेपी नेता अमित मालवीय ने अपनी सफाई पेश की है. अमित मालवीय ने अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि राहुल गांधी के दावे को झूठ बताते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की जाति को उनके गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से पूरे 2 साल पहले 27 अक्टूबर 1999 को ओबीसी के रूप में अधिसूचित किया गया था. अमित मालवीय ने अपने पोस्ट में एक सरकारी अधिसूचना का लिंक भी शेयर किया है उन्होंने आगे लिखा कि जवाहरलाल नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक पूरा नेहरू-गांधी परिवार ओबीसी के खिलाफ रहा है.

प्रह्लाद जोशी ने भी दी सफाई

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी अपने सोशल मीडिया  प्लैटफॉर्म एक्स पर एक अधिसूचना शेयर कर लिखा कि मोदी के ओबीसी दर्जे को उनके गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से दो साल पहले 27 अक्टूबर 1999 को मान्यता दी गई थी. कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने आगे लिखा कि कांग्रेस ने एक बार फिर ओबीसी समुदाय का अपमान किया गया है, लेकिन ओबीसी आगामी लोकसभा चुनाव में जोरदार सबक सिखाएंगे.

बीजेपी नेताओं की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार पीएम  की जाति को गुजरात में बीजेपी की सरकार आने के बाद नहीं  बल्कि उससे पहले ही ओबीसी वर्ग में शामिल किया गया था. अधिसूचना के हिसाब से पीएम मोदी की जाति को बीजेपी सरकार बनने के दो साल पहले 27 अक्टूबर 1999 ओबीसी में अधिसूचित किया गया था.

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First Published : 08 February 2024, 06:45 PM IST