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India Daily

क्या 5 राज्यों के चुनाव ने I.N.D.I गठबंधन को तोड़ा? 19 को विपक्ष की बैठक से पहले केजरीवाल ने क्यों डाला ये 'रोड़ा'

दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के भठिंडा में एक सभा को संबोधित किया. वे पंजाब में करीब 1100 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देने के लिए यहां पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है.

Naresh Chaudhary
क्या 5 राज्यों के चुनाव ने I.N.D.I गठबंधन को तोड़ा? 19 को विपक्ष की बैठक से पहले केजरीवाल ने क्यों डाला ये 'रोड़ा'

हाइलाइट्स

  • विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रमुख ने की थी मीटिंग कॉल, लेकिन कोई नहीं आया
  • मध्य प्रदेश में सीट शेयरिंग फॉर्मूले को लेकर चुनाव से पहले हुई थी तना-तनी

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में हाल ही में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं. हिंदी भाषी मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी ने बंपर जीत हासिल की है. जबकि तेलंगाना में कांग्रेस को सत्ता मिली है. इन चुनावों से पहले कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी को एकजुट करते हुए I.N.D.I. गठबंधन बनाया गया. लक्ष्य था कि किसी भी तरह से भाजपा को रोका जाए, लेकिन रोकना तो दूर की बात रही, अब विपक्षी गठबंधन I.N.D.I. खुद खंड-खंड होता नजर आ रहा है.

ताजा जानकारी के मुताबिक आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया है कि पंजाब में लोकसभा की 13 में से 13 सीटें आम आदमी पार्टी जीतनी चाहिए. इससे साफ है 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव के दौरान सीट शेयरिंग फॉर्मूला न बनने की स्थिति 2024 के लोकसभा चुनाव में भी हो सकती है.

सीट शेयरिंग फॉर्मूले को लेकर चुनाव से पहले ही तना-तनी

पांचों राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के नेतृत्व में सभी प्रमुख विपक्षी दलों को एक साथ लाया गया. इसमें समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, उद्धव ठाकरे गुट वाली शिवसेना, लालू और नीतीश कुमार की पार्टियां, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस आदि शामिल थीं. मुंबई, बेंगलुरु और पटना में इन सभी विपक्षी पार्टियों की बैठकें भी हुईं. सभी ने भाजपा के खिलाफ हूंकार भरी, लेकिन जैसे ही पांचों राज्यों में चुनावों की तारीखों का ऐलान हुआ, वैसे ही विपक्ष टूटता नजर आया. मध्य प्रदेश में सीट शेयरिंग फॉर्मूला नहीं होने पर सपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गईं. इसके बाद अखिलेश यादव ने कई सीटों पर अपने स्वतंत्र प्रत्याशी उतार दिए. 

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रमुख ने की थी मीटिंग कॉल, लेकिन...

3 दिसंबर को पांच में से चार राज्यों के चुनावी नतीजे सामने आए. मध्य प्रदेश में भाजपा ने अपनी सरकार की रिपीट किया. वहीं राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के हाथों से सत्ता छीनी. उधर कांग्रेस ने तेलंगाना में केसीआर पर जीत हासिल करते हुए अपनी सरकार बनाई. कांग्रेस ने अपनी इस हार को देखते हुए तत्काल विपक्षी गठबंधन I.N.D.I. गठबंधन की आपातकालीन बैठक बुलाई, लेकिन यहां नजारा पूरी तरह से बदला हुआ नजर आया.

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बैठक के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इनकार कर दिया. उधर नीतीश कुमार अपनी तबीयत खराब होने की बात कही. सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी किसी कारण बैठक में शामिल नहीं हुए. हालांकि नजीता ये रहा कि बैठक रद्द हो गई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 19 दिसंबर को इंडिया गठबंधन की बैठक हो सकती है. पूर्व के घटनाक्रम को देखते हुए बैठक में क्या होगा... इसका अंदाजा लगाना काफी मुश्किल है. 

पंजाब में अरविंद केजरीवाल के ऐलान ने मचाई खलबली

आज के घटनाक्रम की बात करें तो दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के भठिंडा में एक सभा को संबोधित किया. केजरीवाल पंजाब में करीब 1100 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देने के लिए यहां पहुंचे थे. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है.

उन्होंने कहा कि पंजाब में पूर्व की सरकारों ने कोई भी विकास कार्य नहीं किया है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि 75 साल के इतिहास में कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल ने कुछ भी काम नहीं किया. साथ ही उन्होंने हूंकार भरी है कि पंजाब की सभी लोकसभा सीटें 2024 में आम आदमी पार्टी को चाहिए, यानी सभी सीटों पर AAP अपने उम्मीदवार उतार सकती है.