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India Daily

TMC के खातों पर ED का बड़ा एक्शन, 440 करोड़ रुपये फ्रीज; फंड ट्रांसफर पर उठे सवाल

प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत तृणमूल कांग्रेस से जुड़े तीन बैंक खातों में जमा 440.42 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं. मामला कथित वित्तीय अनियमितताओं और फंड ट्रांसफर से जुड़ा है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
TMC के खातों पर ED का बड़ा एक्शन, 440 करोड़ रुपये फ्रीज; फंड ट्रांसफर पर उठे सवाल
Courtesy: pinterest

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े तीन बैंक खातों में जमा 440.42 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं. एजेंसी ने यह कार्रवाई कोलकाता में पांच ठिकानों पर तलाशी के बाद की. ED का कहना है कि जांच कथित वित्तीय अनियमितताओं, फंड जुटाने और कई बैंक खातों के जरिए धन के संदिग्ध लेनदेन से जुड़ी है. जिन स्थानों पर छापेमारी हुई, उनमें केयरवेल ग्रुप ऑफ कंपनीज और उसकी सहयोगी कंपनी केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े परिसर भी शामिल हैं. खबर लिखे जाने तक ED की इस कार्रवाई पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी.

160 करोड़ के ट्रांसफर और विमान खरीद की जांच

ED की शुरुआती जांच के अनुसार, अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच TMC के बैंक खातों से करीब 160 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी एक अन्य कंपनी को भेजे गए. जांच एजेंसी का दावा है कि इसी अवधि में करीब 82.96 करोड़ रुपये एक नई कंपनी के खाते में स्थानांतरित किए गए. ED के मुताबिक, इस धन का बड़ा हिस्सा आगे दूसरी जगह भेजा गया. जांच में यह भी सामने आया है कि लगभग 112 करोड़ रुपये का इस्तेमाल एक Embraer Legacy 600 बिजनेस जेट और AgustaWestland 109SP हेलीकॉप्टर खरीदने में किया गया. एजेंसी का आरोप है कि बाद में इन्हीं विमान सेवाओं को TMC को किराये पर उपलब्ध कराया गया.

 हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला

यह मामला पिछले महीने तब और चर्चा में आया जब TMC के कुछ बागी विधायकों ने पार्टी के खातों में जमा धन के स्रोत की जांच की मांग की. शिकायत मिलने के बाद कोलकाता पुलिस ने इन्हीं तीन खातों से डेबिट लेनदेन पर रोक लगा दी थी. इसके खिलाफ ममता बनर्जी गुट ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. 2 जुलाई को सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित निजी बैंकों को इन तीन खातों में जमा कुल राशि का विवरण पेश करने का निर्देश दिया. अब ED की कार्रवाई के बाद यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर और महत्वपूर्ण हो गया है.