दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट का वह फैसला सामने आ गया है, जिसके तहत अरविंद केजरीवाल को जमानत दी गई है. इस आदेश में दिल्ली की अदालत ने साफ-साफ यह तक कह दिया है कि अरविंद केजरीवाल के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पक्षपात की भावना के साथ काम कर रही है. कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत देते हुए कहा कि ईडी अभी भी यह नहीं बता पा रही है कि उसे जांच के लिए कितना समय चाहिए. अदालत ने अपने फैसले में साफ-साफ कहा है कि सबूतों को लेकर भी ईडी कुछ भी साफतौर पर नहीं बता पाई है. दूसरी तरफ, ईडी की याचिका पर हाई कोर्ट में भी सुनवाई होने जा रही है. सुनवाई होने तक अरविंद केजरीवाल की रिहाई पर भी रोक लग गई है.
अपने फैसले में जज न्याय बिंदू ने लिखा है, 'केजरीवाल की ओर से उठाए गए कई मुद्दों पर ईडी खामोश है. केजरीवाल ने कहा था कि ना तो उनका नाम सीबीआई केस में था और ना ही ECIR एफआईआर में. इस पर ईडी ने कुछ नहीं कहा. दूसरी बात यह कि केजरीवाल के खिलाफ ये आरोप तब आए जब कुछ सह आरोपियों ने बयान दिए. ईडी यह स्पष्ट करने में असफल रही है कि वह मनी ट्रेल को कब तक पूरी तरह से ट्रेस कर पाएगी.'
Judge Niyay Bindu observed that ED is silent of certain issues raised by Kejriwal such as that he was not named either in CBI case or in the ECIR FIR.#ArvindKejriwal
— Live Law (@LiveLawIndia) June 21, 2024Also Read
अदालत ने आगे कहा है, 'यह भी ध्यान देने वाली बात है कि ईडी उन सबूतों को लेकर मौन है. वह यह नहीं साबित कर पाई है कि रिश्वत के पैसों का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी ने गोवा के विधानसभा चुनाव में किस तरह किया गया. कथित पैसों का बड़ा हिस्सा अभी भी ट्रेस किया जाना बाकी है. हो सकता है कि अरविंद केजरीवाल का कोई जानकार इस अपराध में शामिल हो या शामिल लोगों को जानता भी हो लेकिन ईडी अभी तक कोई ऐसा सबूत नहीं दे पाई है जिससे यह साबित हो कि केजरीवाल इसमें शामिल हैं.'
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है ईडी खुद यह मानती है कि अरविंद केजरीवाल के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं है. कोर्ट ने कहा है, 'यह स्थिति कोर्ट को इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए मजबूर करती है कि जांच एजेंसी पक्षपात कर रही है.'
ईडी ने राउस एवेन्यू कोर्ट के इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दे दी है और केजरीवाल की जमानत पर रोक लगाने की अपील कर डाली है. बता दें कि अरविंद केजरीवाल को इस केस में 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था. बीच में उन्हें 21 दिन की अंतरिम जमानत मिली थी. अंतरिम जमानत खत्म होने के बाद केजरीवाल 2 जून को फिर से जेल चले गए थे.