विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को पोलैंड के उप प्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोर्स्की से द्विपक्षीय बातचीत के दौरान साफ शब्दों में कहा कि पोलैंड को भारत के पड़ोसी इलाकों में पनप रहे आतंकी ढांचे को बढ़ावा नहीं देना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद की समस्या झेल रहा है और इस मुद्दे पर किसी भी देश को नरमी नहीं दिखानी चाहिए.
एस जयशंकर ने कहा कि पोलैंड हमारे क्षेत्र की स्थिति से भली-भांति परिचित है और उसे आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनानी चाहिए. उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत के खिलाफ चुनिंदा तरीके से की जा रही आलोचना न केवल गलत है, बल्कि अनुचित और अन्यायपूर्ण भी है.
#WATCH | Delhi | EAM Dr S Jaishankar delivers opening remarks during delegation-level talks with the Deputy Prime Minister and Minister of Foreign Affairs of Poland, Radosław Sikorski.
Dr S Jaishankar says, "... We meet at a time when the world is under considerable churn. As… pic.twitter.com/dB2inIOnzj— ANI (@ANI) January 19, 2026Also Read
विदेश मंत्री ने बताया कि उन्होंने हाल के महीनों में न्यूयॉर्क और पेरिस में भी यूक्रेन संघर्ष और उसके वैश्विक प्रभावों को लेकर भारत का रुख स्पष्ट रूप से रखा है. भारत का मानना है कि किसी एक देश को निशाना बनाकर फैसले लेना संतुलित दृष्टिकोण नहीं है.
पोलैंड के उप प्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोर्स्की ने जयशंकर की बातों से सहमति जताई. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय और सीमा पार आतंकवाद से निपटने की जरूरत पर दोनों देशों की सोच एक जैसी है. उन्होंने यह भी बताया कि पोलैंड खुद हाल ही में राज्य प्रायोजित हिंसा और आगजनी जैसी घटनाओं का शिकार हुआ है, जिससे आतंकवाद की गंभीरता और साफ होती है.
सिकोर्स्की ने यह भी कहा कि भारत के खिलाफ चुनिंदा टैरिफ और व्यापारिक कदम यूरोप को भी चिंतित करते हैं. उनके मुताबिक, यह स्थिति आगे चलकर वैश्विक व्यापार में अस्थिरता पैदा कर सकती है.
पोलैंड के उप प्रधानमंत्री ने यूरोप में भारत की बढ़ती डिप्लोमैटिक मौजूदगी की सराहना की. उन्होंने कहा कि यूरोप में नए दूतावास खोलना इस बात का संकेत है कि भारत यूरोपीय संघ के साथ रिश्तों को लेकर गंभीर और प्रतिबद्ध है.