Parliament Winter Session: डीएमके सांसद डीएनवी सेंथिलकुमार (DMK MP Senthil Kumar ) ने अपनी 'गौमूत्र' वाली टिप्पणी पर खेद व्यक्त करते हुए इसे वापस लिया है. उन्होंने कहा, "कल अनजाने में मेरे द्वारा दिया गया बयान अगर इससे सदस्यों और लोगों के वर्गों की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं इसे वापस लेना चाहूंगा. मैं इन शब्दों को हटाने का अनुरोध करता हूं... मुझे इसका अफसोस है."
#WATCH संसद का शीतकालीन सत्र: डीएमके सांसद डीएनवी सेंथिलकुमार एस. ने अपनी 'गौमूत्र' टिप्पणी पर खेद व्यक्त करते हुए इसे वापस लिया।
उन्होंने कहा, "कल अनजाने में मेरे द्वारा दिया गया बयान अगर इससे सदस्यों और लोगों के वर्गों की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं इसे वापस लेना चाहूंगा।… pic.twitter.com/iilLU7TFvL— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 6, 2023Also Read
इससे पहले मंगलवार को सेंथिल कुमार ने जम्मू कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक’ और ‘जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक’ पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा था "इस देश की जनता को सोचना चाहिए कि भाजपा की चुनाव जीतने की शक्ति केवल हिंदी पट्टी के राज्यों में है जिन्हें हम आमतौर पर गौमूत्र राज्य कहते हैं." सेंथिल कुमार ने आगे कहाथा "आप (भाजपा) दक्षिण भारत में नहीं आ सकते. आप देख लीजिए कि केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में चुनाव परिणाम क्या आया. हम वहां बहुत मजबूत हैं. आप वहां पैर जमाने का सपना कभी पूरा नहीं कर सकते."
सांसद डीएनवी सेंथिल कुमार की 'गौमूत्र' वाली टिप्पणी पर बीजेपी नेताओं का रिएक्शन भी सामने आया था. शहजाद पूनावाला ने कहा था, "...यह कोई डीएमके की सोच नहीं है, यह पूरे INDI गठबंधन का बयान है...इस प्रकार की विभाजनकारी, नफरती सोच कोई पहली बार डीएमके ने प्रस्तुत नहीं की है. डीएमके ने तो लगातार उत्तर भारत और हिंदी के खिलाफ बयान दिए हैं...आज अखिलेश यादव, राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, अरविंद केजरीवाल को बताना चाहिए कि क्या इस बयान से भारत जुड़ेगा? क्या ये बयान उनके लिए स्वीकार्य है?... "