नई दिल्ली: डीएमके सांसद दयानिधि मारन के एक बयान ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. उन्होंने उन राज्यों की कड़ी आलोचना की, जिनके बारे में उन्होंने दावा किया कि वे छात्रों को सिर्फ हिंदी पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं और अंग्रेजी शिक्षा को हतोत्साहित करते हैं और ऐसी नीतियों को खराब रोज़गार की संभावनाओं और दक्षिणी राज्यों में पलायन से जोड़ा.
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मारन ने आरोप लगाया कि कुछ राज्यों में छात्रों को शिक्षा हासिल करने से रोका जाता है और उन्हें सिर्फ हिंदी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा जाता है. उन्होंने कहा, 'आपसे कहा जाता है कि अंग्रेजी मत पढ़ो और अगर पढ़ोगे तो बर्बाद हो जाओगे. तुम्हें गुलाम बनाकर रखा जाएगा'. ये ऐसी टिप्पणियां हैं जो एक बार फिर हिंदी थोपने पर बहस को हवा दे सकती हैं.
मारन ने उत्तरी राज्यों से दक्षिण की ओर लोगों के पलायन का कारण इन शैक्षिक प्रथाओं को बताया, और तर्क दिया कि तमिलनाडु द्वारा शिक्षा पर जोर देने से उसकी आर्थिक वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा, 'आज सभी शीर्ष वैश्विक कंपनियां शिक्षित लोगों के कारण तमिलनाडु आ रही हैं.'
उन्होंने दावा किया कि सिर्फ हिंदी तक शिक्षा को सीमित करने से दूसरे क्षेत्रों में बेरोजगारी बढ़ती है, जबकि तमिलनाडु का द्रविड़ मॉडल लड़कियों और लड़कों दोनों के लिए शिक्षा तक समान पहुंच को बढ़ावा देता है.
उन्होंने कहा कि इससे राज्य में महिलाओं के बीच साक्षरता का स्तर बढ़ा है और कार्यबल में उनकी भागीदारी भी बढ़ी है. मारन ने आगे तर्क दिया कि अंग्रेजी शिक्षा को हतोत्साहित करने से छात्रों के अवसर और भविष्य की संभावनाएं सीमित होती हैं, और कहा कि भाषा-आधारित प्रतिबंध विकास और रोजगार में बाधा बनते हैं.
बीजेपी ने DMK सांसद दयानिधि मारन की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए कहा कि उनमें सामान्य ज्ञान की कमी है और देश से, खासकर हिंदी भाषी समुदायों से माफी मांगने की मांग की.
बीजेपी नेता तिरुपति नारायणन ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि दयानिधि मारन में कोई सामान्य ज्ञान है. यही समस्या है. मैं उनकी टिप्पणियों की कड़ी निंदा करता हूं, और उन्हें भारत के लोगों से, खासकर हिंदी बोलने वालों से माफी मांगनी चाहिए, जिन्हें उन्होंने अशिक्षित और असभ्य बताया है.'
दयानिधि मारन के बचाव करते हुए, DMK नेता टी.के.एस. एलंगोवन ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी और कहा कि उत्तर में महिलाओं के लिए लड़ने वाला कोई नहीं है.
अब कांग्रेस महिलाओं को सशक्त बना रही है. इसमें कोई शक नहीं कि जहां भी कांग्रेस की सरकार है, वे महिलाओं की शिक्षा के लिए अच्छा काम कर रही हैं. तमिलनाडु में, हमने महिलाओं के लिए लड़ाई लड़ी और उन्हें सशक्त बनाया.
हमने उन्हें शिक्षा और रोजगार दिया और सरकारी नौकरियों में सीटें भी रिजर्व कीं. उन्होंने आगे कहा, 'हम शुरू से ही महिलाओं के अधिकारों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं.'