menu-icon
India Daily

'पाक-चीन सीमा समझौता पूरी तरह गैर-कानूनी...', शाक्सगाम घाटी पर बीजिंग के दावे को सेना प्रमुख ने किया खारिज

भारत और चीन के बीच शक्सगाम घाटी के मुद्दे को लेकर एक बार फिर से बहस तेज हो गई है. चीन के दावे के बाद भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जवाब दिया है.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
'पाक-चीन सीमा समझौता पूरी तरह गैर-कानूनी...', शाक्सगाम घाटी पर बीजिंग के दावे को सेना प्रमुख ने किया खारिज
Courtesy: X (@MiliMatters)

नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच 2020 के बाद अब तनाव कम होना शुरू हुआ था. इसी बीच शक्सगाम घाटी के मुद्दे के कारण दोनों देशों के बीच एक बार फिर से बयानबाजी का दौर शुरू हो गया. भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 78वें सेना दिवस से ठीक पहले अपनी वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश की सुरक्षा स्थिति पर विस्तृत जानकारी साझा की.

थल सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शक्सगाम घाटी पर चीन के दावों को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए भारत की अटल स्थिति दोहराई और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ सख्त चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि हम शक्सगाम घाटी में किसी भी गतिविधि को मंजूरी नहीं देते है. 

चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को नहीं मानता भारत

जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारत 1963 के तथाकथित चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को पूरी तरह गैर-कानूनी मानता है. इस समझौते के तहत पाकिस्तान ने अपने अवैध कब्जे वाले कश्मीर के हिस्से में करीब 5,180 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र चीन को सौंप दिया था. यह बयान चीन के उस दावे के एक दिन बाद आया है, जिसमें बीजिंग ने शक्सगाम घाटी को अपना इलाका बताते हुए वहां इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण को जायज ठहराया. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा था कि 1963 का समझौता दोनों संप्रभु देशों का अधिकार है. भारत ने पहले ही विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के माध्यम से इस पर विरोध दर्ज किया था. जनरल द्विवेदी ने चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) को भी अवैध करार दिया, जो भारतीय क्षेत्र से गुजरता है.

पाकिस्तान को फिर दी चेतावनी

भारत-चीन सीमा (LAC) पर स्थिति को स्थिर बताते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि उच्च स्तरीय वार्ता, नए संपर्क और विश्वास निर्माण के प्रयासों से हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं. इससे सीमावर्ती इलाकों में पशुपालन, चिकित्सा शिविर जैसी गतिविधियां फिर शुरू हो पाई हैं. भारतीय सेना की तैनाती संतुलित और मजबूत बनी हुई है, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और क्षमता वृद्धि पर पूर्ण ध्यान है. जनरल द्विवेदी ने पहलगाम हमला और ऑपरेशान सिंदूर पर बात करते हुए कहा कि यह ऑपरेशन सोची-समझी, सटीक और रणनीतिक था. जिसमें 88 घंटों में गहराई तक हमला कर आतंकी ढांचे को नष्ट किया गया. इससे पाकिस्तान की लंबे समय से चली आ रही परमाणु धमकियां भी कमजोर पड़ीं.