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India Daily

बहस के बाद 33 वर्षीय बेटे ने चाकू मारकर मां को उतारा मौत के घाट, शव के साथ गुजारी सारी रात

मां की हत्या कर सुबह वह चाय की दुकान पर गया और कहा कि मैंने अपनी मां को मार डाला है. चाय विक्रेता उसकी बातें सुनकर कांप उठाया और उसने सुरक्षा गार्ड्स को इसकी जानकारी दी.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
बहस के बाद 33 वर्षीय बेटे ने चाकू मारकर मां को उतारा मौत के घाट, शव के साथ गुजारी सारी रात

कोलकाता के राजारहट के वैदिक विलेज में शुक्रवार सुबह एक 33 वर्षीय व्यक्ति को अपनी मां की कथित तौर पर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. आरोपी, सौमिक मजूमदार, जो अवसाद और मानसिक समस्याओं का इलाज करा रहा था, ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी 58 वर्षीय मां देबजनी मजूमदार को चाकू मारकर मौत के घाट उतारा और रात उनके शव के साथ बिताई. इस भयावह अपराध ने ग्रीनटेक सिटी के निवासियों को स्तब्ध और भयभीत कर दिया है.

हत्या का खुलासा और सौमिक का कबूलनामा
पुलिस के अनुसार, गुरुवार रात सौमिक और उनकी मां के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद उसने कथित तौर पर मां की हत्या कर दी. शुक्रवार सुबह सौमिक चाय की दुकान पर पहुंचा और वहां उसने कहा, "मैंने अपनी मां को मार डाला है. मैंने रातभर कुछ नहीं खाया. क्या खाने को कुछ है?" चाय विक्रेता रबिन विश्वास ने सौमिक के असामान्य व्यवहार- कांपते हाथ, बुदबुदाते होंठ और खाली नजरें- देखकर सुरक्षा गार्ड्स को सूचना दी. गार्ड्स ने अपार्टमेंट का दरवाजा तोड़ा तो खून से सना फर्श और देबजनी का शव मिला, जिनके गले और कंधे पर कई चाकू के घाव थे.

अपराध स्थल का मंजर
पुलिस को एक खून से सनी कुर्सी, संघर्ष के निशान और देबजनी के सिर पर गहरा घाव मिला, जो दर्शाता है कि हमले के दौरान उन्हें जोर से फर्श पर पटका गया था. पुलिस का मानना है कि हत्या गुरुवार रात 11 से 12 बजे के बीच हुई. सौमिक ने हथियार को शव के पास रखकर और अपने घाव साफ करके कथित तौर पर हत्या को आत्महत्या दिखाने की कोशिश की. हालांकि, सुबह उसने चाय की दुकान पर अपनी बात दोहराई. गिरफ्तारी के बाद सौमिक ने अपराध से इनकार किया.

पारिवारिक पृष्ठभूमि और मानसिक स्वास्थ्य
मजूमदार परिवार मूल रूप से संतोषपुर का रहने वाला था और 2021 में सौमिक के पिता सौमेंद्र मजूमदार की मृत्यु के बाद वैदिक विलेज में शिफ्ट हुआ था. सौमिक पिछले एक साल से बेरोजगार था और अवसाद से जूझ रहा था. स्थानीय निवासी अब्दुल राशिद ने बताया कि सौमिक अक्सर लोगों से पैसे और खाना मांगता था. बिजली बिल और मेंटेनेंस चार्ज भी वे नहीं चुका पा रहे थे.

पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "घटना के दौरान कोई शोर सुनने वाला पड़ोसी नहीं था. पीड़िता ने हमले के बाद भागने की कोशिश की होगी, लेकिन वह असफल रही. हमला अत्यधिक मानसिक तनाव में किया गया प्रतीत होता है." पुलिस हत्या के पीछे के मकसद की जांच कर रही है, जिसमें आर्थिक तंगी और मानसिक स्वास्थ्य प्रमुख कारक हो सकते हैं. सौमिक को जिला अदालत में पेश किया गया, जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.