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India Daily

बंगाल में सत्ता बदलते ही ममता के भतीजे के बुरे दिन शुरू! अभिषेक के 'अभेद्य किले' में बेरोक-टोक घुस गई पुलिस

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर पुलिस ने दस्तक दी है. कभी बेहद रसूखदार रहे बनर्जी अब कई घोटालों में जांच के दायरे में हैं.

KanhaiyaaZee
बंगाल में सत्ता बदलते ही ममता के भतीजे के बुरे दिन शुरू! अभिषेक के 'अभेद्य किले' में बेरोक-टोक घुस गई पुलिस
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: सियासत में सत्ता का पहिया कितनी बेरहमी से घूमता है, इसका एक उदाहरण कोलकाता के कालीघाट इलाके में देखने को मिला है. कभी राज्य की सत्ता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद 'नंबर दो' की हैसियत रखने वाले और तृणमूल कांग्रेस के रणनीतिकार अभिषेक बनर्जी के आलीशान बंगले 'शांतनिकेतन' का दरवाजा कोलकाता पुलिस ने खटखटाया. विधानसभा चुनाव के बाद राज्य के बदले हुए राजनीतिक समीकरणों के बीच पुलिस का बिना किसी हिचकिचाहट के उनके घर में दाखिल होना अब चर्चा का विषय बन गया है.

कालीघाट स्थित 'शांतनिकेतन' कभी एक ऐसा अभेद्य किला माना जाता था, जहां राज्य के बड़े-बड़े मंत्रियों, उद्योगपतियों और शीर्ष आईएएस-आईपीएस अधिकारियों को भी प्रवेश के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था. ममता बनर्जी के शासनकाल में सचिवालय 'नबन्ना' से ज्यादा सरकार के बड़े और नीतिगत फैसले इसी बंगले से तय होते थे. लेकिन सोमवार को इस आवास का नजारा पूरी तरह बदला हुआ था, जब राज्य पुलिस के जवान बिना किसी संकोच के सीधे उनके घर के अंदर कानूनी कार्रवाई के लिए दाखिल हो गए.

सुवेंदु सरकार में बदले पुलिस के तेवर

साल 2026 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी शिकस्त और राज्य में सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की नई सरकार के गठन के बाद से ही बंगाल प्रशासनिक तंत्र का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है. कल तक जो पुलिस कमान अभिषेक बनर्जी के एक इशारे पर काम करती थी, आज वही उनके खिलाफ मुस्तैद दिखाई दे रही है. इस अभूतपूर्व कार्रवाई ने उन सभी लोगों को हैरत में डाल दिया है जिन्होंने पिछले एक दशक में टीएमसी के इस 'युवराज' का असीमित रसूख देखा था.

घोटालों के दलदल में फंसे 'युवराज'

डायमंड हार्बर से सांसद और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर अब केंद्रीय जांच एजेंसियों ईडी और सीबीआई के साथ-साथ राज्य पुलिस ने भी चौतरफा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. उन पर करोड़ों रुपये के कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले, पशु तस्करी, प्राथमिक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े और बड़े पैमाने पर हुए राशन घोटाले के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग करने के गंभीर आरोप लगे हैं. जांच टीम का दावा है कि इन सभी बड़े घोटालों के वित्तीय तार सीधे उनके कालीघाट वाले इसी आवास से जुड़े हुए हैं.

बदले की नहीं, यह बदलाव की राजनीति

इस औचक पुलिसिया कार्रवाई को लेकर राज्य की सत्ताधारी भाजपा और सरकार के समर्थकों का कहना है कि यह कोई दुर्भावनापूर्ण 'बदले की राजनीति' नहीं है बल्कि बंगाल में आया असली राजनीतिक और प्रशासनिक बदलाव है. नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सार्वजनिक तौर पर यह साफ कर दिया है कि पश्चिम बंगाल को दशकों पुराने सिंडिकेट राज और कट-मनी की भ्रष्ट संस्कृति से पूरी तरह मुक्त कराना ही उनके शासनकाल की सबसे पहली और मुख्य प्राथमिकता है.