जिस पुलिस अधिकारी पर एक महिला पत्रकार ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था उसका प्रमोशन कर दिया गया है. जी हां, हम बात कर रहे हैं दिल्ली पुलिस के एसीपी विवेक भगत की. अब उन्हें एडिशनल डीसीपी की जिम्मेदारी दी गई है.
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से विवेक भगत लगातार सुर्खियों में रहे हैं. जंतर-मंतर पर ज्ञानेश कुमार के विरोध में हुए प्रदर्शन को कवर करने के दौरान एक महिला पत्रकार ने एसीपी विवेक भगत पर उससे छेड़छाड़ का आरोप लगाया था. इन आरोपों के बाद आम आदमी पार्टी, सीजेपी, आइसा समेत कई विपक्षी दलों ने विवेक भगत पर FIR की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया था.
दिल्ली सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश के मुताबिक, दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल ने DANIPS अधिकारियों को सिलेक्शन ग्रेड में प्रमोट करने का फैसला लिया है. इस लिस्ट में विवेक भगत का भी नाम शामिल है. भगत अभी कनॉट प्लेस/नई दिल्ली डिस्टिक में SDPO यानी सब डिविजन पुलिस अफसर के पद पर तैनात थे. हालांकि अंदर से ऐसी खबर है कि यह प्रमोशन पहले से तय प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किया गया है. हालांकि उनके प्रमोशन की टाइमिंग पर तमाम तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं.
मोदी सरकार के भगत को प्रमोट किए जाने के फैसले से विपक्ष पूरी तरह से हिल गया है. आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'चौंकाने वाला! मोदी सरकार ने एसीपी विवेक भगत को एडिशनल डीसीपी के पद पर प्रमोट किया है. उन पर महिला पत्रकार से छेड़छाड़ का आरोप था. भाजपा से इस देश की महिलाएं किस तरह की सुरक्षा और सम्मान की उम्मीद कर सकती हैं.'
Shocking !! Modi Govt promoted ACP Vivek Bhagat to Addl DCP. He was the one accused of molesting woman journalist. What safety & dignity can women of this country expect from BJP ? https://t.co/xR5wzCOvGk
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) October 5, 2026
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे एक रुटीन ऑर्डर बताया है और कहा कि अनुरोध बहुत पहले भेजा गया था. आदेश में यह भी कहा गया है कि यह व्यवस्था अस्थायी है और अतिरिक्त डीसीपी के पदों पर नियमित आधार पर नियुक्ति किए जाने पर यह व्यवस्था खत्म हो जाएगी. आदेश में यह भी कहा गया है कि अधिकारी यानी भगत को अतिरिक्त डीसीपी पद से जुड़ी वरिष्ठता, वेतन और भत्तों का कोई लाभ नहीं मिलेगा.