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राहत और आफत साथ-साथ: जमानत नहीं पर पत्नी से मिल सकेंगे मनीष सिसोदिया; जानें कोर्ट ने क्या कहा ?

Delhi High Court News: AAP नेता मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने  खारिज कर दी है. हालांकि, उन्हें बीमार पत्नी से पहले की तरह मिलने की मंजूरी दी गई है. कोर्ट ने साफ किया है कि वो हफ्ते में एक बार अपनी पत्नी से जाकर म‍िल सकते हैं.

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राहत और आफत साथ-साथ: जमानत नहीं पर पत्नी से मिल सकेंगे मनीष सिसोदिया; जानें कोर्ट ने क्या कहा ?
Courtesy: ANI

Delhi High Court News: स्वाति मालीवाल-बिभव कुमार केस की चर्चा के बीच दिल्‍ली हाईकोर्ट ने AAP नेता मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर अपना फैसला दिया है. कोर्ट ने दिल्ली शराब घोटाला मामले में आरोपी दिल्ली के आप नेता और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया है. हालांकि, उन्हें अदालत ने पहले की तरह ही हफ्ते में एक बार बीमार पत्नी से मिलने के लिए राहत दी है.

दिल्ली शराब घोटाला मामले में मनीष सिसोदिया को दिल्ली हाईकोर्ट से ये दूसरी बार झटका लगा है. इससे पहले भी अदालत ने एक बार और जमानत याचिका खार‍िज कर दी है.

14 मई से सुरक्षित था फैसला

सिसोदिया ने सीबीआई और ईडी दोनों की जांच में कोर्ट से जमानत मांगी थी. मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर फैसला दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने सुनाया है. इससे पहले 14 मई को अदालत ने उनकी याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था.

पत्नी से मिलने की इजाजत

अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी है. हालांकि, उन्हें पहली की तरह एक राहत दी गई है. उन्हें अपनी बीमार पत्नी से मिलने की छूट होगी. वो हफ्ते में एक बार अपनी पत्नी से मिल सकते हैं.

इन प्रावधानों में बताना होगा हकदार

हाईकोर्ट ने कहा कि सिसोदिया को भ्रष्टाचार निरोधक कानून और PMLA के प्रावधानों के अनुसार, खुद को जमानत का हकदार दिखाना होगा. एजेंसियों की ओर से पेश सबूतों के अनुसार उन्होंने बिना कारण शराब वितरकों का मुनाफा 5 से बढ़ाकर 12 प्रत‍िशत किया गया. अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि इन्होंने अपने 2 फोन उपलब्ध नहीं करवाए, इलेक्ट्रॉनिक सबूत नष्ट किए हैं.

गवाहों को कर सकते हैं प्रभावित

अदालत ने आशंका जताई कि ये प्रभावशाली व्यक्ति हैं. इनको अगर जमानत दी जाती है तो ये गवाहों और सबूतों को प्रभावित कर सकते हैं. ये मामला सत्ता के दुरुपयोग का है. आरोपी दिल्ली का उपमुख्यमंत्री था. ऐसे में इनके प्रभाव से इनकार नहीं किया जा सकता है.