Cyclone Arnab: अर्नब का तांडव शुरू, आंध्र में घर उजड़े; रिहायशी इलाकों में घुसा पानी
चक्रवात अर्नब के आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंचने से कई राज्यों में मौसम बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है.आंध्र प्रदेश और ओडिशा में राहत-बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं.
Cyclone Arnab: आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवात अर्नब का खतरा बढ़ गया है. समुद्र में उठती ऊंची लहरों और तेज हवाओं के बीच प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं. मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के यानम-काकीनाडा क्षेत्र के पास तट से टकराने की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई है. तूफान के कारण आंध्र प्रदेश के अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड के कई इलाकों में भी मौसम प्रभावित होने की आशंका है.
150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं हवा के झोंके
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात अर्नब पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय था. यह करीब 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था. अनुमान है कि तट से टकराते समय हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जबकि तेज झोंके 140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. श्रीकाकुलम में भारी बारिश और विशाखापत्तनम व काकीनाडा में तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है.
आंध्र प्रदेश में हजारों लोगों की सुरक्षा के इंतजाम
चक्रवात से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश और ओडिशा में करीब 4,000 आश्रय स्थलों की व्यवस्था की गई है. आंध्र प्रदेश के 20 जिलों में 2,131 चक्रवात आश्रय स्थल तैयार रखे गए हैं. प्रभावित क्षेत्रों में 1,087 मेडिकल टीमों को अलर्ट पर रखा गया है. इसके अलावा 8,281 आपातकालीन बिस्तर और 1,274 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है. 1,351 गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में पहुंचाया गया है. जरूरी सामान की उपलब्धता बनाए रखने के लिए राशन दुकानों में दो महीने का भंडार रखा गया है.
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चक्रवात के कारण 50 ट्रेनें रद्द
तूफान का असर रेल और हवाई यातायात पर भी पड़ा है. एहतियात के तौर पर कम से कम 50 ट्रेनें रद्द की गई हैं. इनमें दक्षिण तटीय रेलवे की 24, ईस्ट कोस्ट रेलवे की 22 और दक्षिण पूर्व रेलवे की चार ट्रेनें शामिल हैं. करीब 600 किलोमीटर रेल पटरियों पर निगरानी बढ़ाई गई है. विजयवाड़ा से चेन्नई और बेंगलुरु जाने वाली इंडिगो की दो उड़ानें भी रद्द की गई हैं. कई तटीय सड़कों पर यातायात प्रतिबंध लगाए गए हैं.
ओडिशा से झारखंड तक बारिश का अलर्ट
ओडिशा में करीब 48,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी है. यहां 135 स्थायी और लगभग 1,600 अस्थायी आश्रय स्थल तैयार किए गए हैं. बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अग्निशमन सेवाओं की कुल 294 टीमें तैनात हैं. आठ जिलों में स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं. पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में भी बारिश की आशंका है. वहीं, झारखंड के रांची समेत कई जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है.